उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज के तकनीकी युग में कोई भी देश कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के बिना असहाय है। जुलाई में उत्तराखंड सरकार नई शिक्षा नीति को लागू करने जा रही, जिसके अंतर्गत शिक्षा तकनीक को भारतीय संस्कृति के साथ जोड़कर छात्रों तक पहुंचाया जाएगा।
शुक्रवार को मांडूवाला स्थित देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग और स्प्रिंग की ओर से कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस और स्मार्ट कम्युनिकेशंस विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ पर शिक्षा मंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हमारे देश के कंप्यूटर विशेषज्ञ पूरी दुनिया में राज कर रहे हैं। उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एंड रीसर्च सेंटर की निदेशक प्रोफेसर डॉ. अनीता रावत ने कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस और स्मार्ट कम्युनिकेशंस की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के भूतपूर्व कुलपति और इंडिया ग्लायकोल्स के अध्यक्ष डॉ. आरके खंडल ने कहा कि स्मार्ट वह होते हैं, जो प्राकृतिक होते हैं। देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति संजय बंसल, कुलपति प्रोफेसर डॉ. प्रीति कोठियाल, डीन स्कूल ऑफ सीएसई डॉ. रितिका मेहरा ने बताया कि सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 300 विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। लगभग 100 रिसर्च पेपर जमा हो चुके हैं। सम्मेलन का आयोजन यूकॉस्ट और यूएसईआरसी के सहयोग से हो रहा है। इस मौके पर विवि के उपकुलाधिपति अमन बंसल, उपकुलपति डॉ. आरके त्रिपाठी, मुख्य सलाहकार डॉ. एके जायसवाल आदि मौजूद थे।