लेफ्टिनेंट नवीन पंत जब शनिवार को आईएमए से पास आउट होने के बाद पहली बार घर पहुंचे तो उनकी बुजुर्ग नानी ने सैल्यूट कर स्वागत किया। दोनों की आखों से आंसू बह निकले। दरअसल नवीन के स्व. नाना की आखिरी इच्छा थी कि सबसे पहले नाना उन्हें सैल्यूट करें।
मूलत: पौड़ी के पोखड़ा के एरोली मल्ली गांव निवासी नवीन पंत के आईएमए में चयनित होने के बाद उनके नाना ने कहा कि जब वो अफसर बनकर घर आएंगे तो सबसे पहले वही उन्हें सैल्यूट करेंगे। हालांकि इसी बीच उनकी तबियत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
तब उन्होंने अपनी पत्नी (नवीन की नानी) बसंती देवी सुंदरियाल से कहा कि मैं तो अपने नवीन को सैल्यूट नहीं मार पाया, लेकिन तुम उसे जरूर सैल्यूट करना। उन्होंने नवीन से वादा लिया कि वो सबसे पहले अपनी नानी के सामने आएंगे। पिता हवलदार (सेनि.) और मां ऊषा पंत अपने सबसे छोटे बेटे की इस बड़ी उपलब्धि पर फूले नहीं समाए।
उन्होंने बताया कि नवीन की आठवीं तक की शिक्षा केंद्रीय विद्यालय हाथीबड़कला नंबर वन और नौवीं से 12वीं तक सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में हुई। 12वीं के साथ ही नवीन का चयन एनडीए के लिए हो गया। चार साल की बेहद मुश्किल ट्रेनिंग के बाद उन्हें बतौर अफसर 12 ग्रेनेडियर में नॉर्थ ईस्ट में तैनाती मिली है।
सूबेदार पिता ने सजाए बेटे के कंधे पर सितारे
कीर्तिनगर ब्लॉक के कणोली गांव को शनिवार को पहला सैन्य अफसर मिला। गांव के अंकित बड़ोनी भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होने के बाद भारतीय सेना का हिस्सा बने। पिता सूबेदार (सेनि.) राजेश बड़ोनी और मां वंदना बड़ोनी ने बेहद गर्व और सम्मान के साथ अंकित के कंधे पर सितारे सजाए। पिता ने लेफ्टिनेंट बेटे को सैल्यूट किया और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
तहसील कर्णप्रयाग के कुकड़ई गांव के रजत नेगी आईएमए देहरादूून में हुई पासिंग आउट परेड के बाद सेना में अफसर बने हैं। मध्यम परिवार के रजत नेगी का बचपन से ही सेना में जाकर देश की सेवा करने का सपना था, जो अब पूरा हो गया है। 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद उनका पहले ही प्रयास में एनडीए में चयन हो गया था।
रजत नेगी ने आदर्श विद्या मंदिर कर्णप्रयाग से हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद 2016 में एसजीआरआर से 12वीं पास की। एनडीए में चयन होने पर पुणे से तीन साल की ट्रेनिंग के बाद आईमए देहरादून में एक साल का सैन्य प्रशिक्षण लिया। उनके पिता सुजान सिंह नेगी जीआईसी केदारूखाल में अंग्रेजी विषय में सहायक अध्यापक और माता विमला देवी गृहणी हैं।
रजत के सीनियर अंडर ऑफिसर के रूप में कमांडर बनने पर उनके गांव कुकड़ई सहित कर्णप्रयाग में खुशी का माहौल है।
उत्तरकाशी के रजत और अमन बने अफसर
भारतीय सेना अफसर बने रजत भंडारी व अमन रमोला ने शनिवार को आईएमए पासिंग आउट परेड में उपस्थिति दर्ज कराकर जिले का मान बढ़ाया।
मूलरूप से टिहरी के करोली कंगसाली निवासी रजत भंडारी (22) के पिता सोबन भंडारी निम में प्रशिक्षक व माता एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं। रजत की दसवीं तक की शिक्षा जिला मुख्यालय स्थित एक निजी स्कूल से हुई। उसके बाद उन्होंने ऋषिकेश से इंटर और कंप्यूटर साइंस में स्नातक के लिए दिल्ली के एक कॉलेज में एडमिशन लिया।
वहां पढ़ाई के दौरान ही उनका चयन संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) के लिए हुआ। रजत भंडारी ने बताया कि उनका लक्ष्य शुरू से ही देश सेवा के लिए सेना में जाने का था। उन्होंने सीडीएस की तैयारी कर रहे युवाओं से गणित, अंग्रेजी व सामान्य अध्ययन पर फोकस करने की बात कही।
इधर, चिन्यालीसौड़ के बधाणगांव निवासी अमन रमोला (21) ने भी सेना में अफसर बनकर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मां यशोदा रमोला, भाई अंतरिक्ष रमोला व गुरुजनों को दिया। अमन ने एनडीए के जरिये आईएमए तक का सफर तय किया।