योजना में 56 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई
प्रौद्योगिकी विकास निधि की निदेशक निधि बंसल ने कहा कि रक्षा निर्माण में आधुनिक प्रौद्योगिकी क्षमता बढ़ाने के लिए डीआरडीओ के माध्यम से योजना शुरू की गई। जिससे उद्योग और स्टार्टअप मौजूदा व भविष्य की हथियार प्रणाली के लिए नई तकनीक को विकसित कर सकेंगे।
अब तक योजना में 56 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। 135 प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण किया जा रहा है। इसके लिए 147 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। इस योजना में डीआरडीओ के 1236 विशेषज्ञ जुड़े हैं। जो 3563 कंपनियों को सहयोग दे रहे हैं। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने प्रदेश में रक्षा विनिर्माण के लिए उद्यमियों के कई मुद्दों को उठाया।
ये भी पढ़ें...काम की बात: अब एक क्लिक पर मिलेगा जमीनों का रिकॉर्ड, केडस्ट्रप मैप के जरिये मिलेगी मदद, पढ़ें पूरी खबर
उद्योग महानिदेशक एवं अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं के लिए अच्छे आइडिया लेकर स्टार्टअप क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के स्टार्टअप केंद्र की इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल ने प्रदेश की रक्षा विनिर्माण नीति के बारे में जानकारी दी। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक राकेश सूरज ने रक्षा विनिर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।
प्रदेश में स्थापित हो उच्च स्तरीय टेस्टिंग लैब
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि रक्षा विनिर्माण उद्योगों के लिए प्रदेश में एक उच्च स्तरीय टेस्टिंग लैब स्थापित होनी चाहिए। डीआरडीओ लैब की सुविधा उद्योगों को उपलब्ध कराई जाए। रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस पार्क स्थापित किया जाए। डीआरडीओ, आईआईटी रुड़की और उद्यमियों के बीच तकनीकी का आदान प्रदान करने के लिए प्रदेश में कान्क्लेव का आयोजन किया जाए।