उत्तराखंड के वन और वन्यजीव पक्ष के लिए बड़ी उपलब्धि। अति दुर्लभ प्रजाति में शामिल हिम तेंदुए का कुनबा प्रदेश में फल-फूल रहा है। इनके वासस्थल क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है।
वन्य जीव संस्थान के अनुमान के अनुसार प्रदेश में हिम तेंदुओं की संख्या 50 से अधिक है। संरक्षण की बेहतर पहल हो तो इस संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
नंदा देवी बॉयोस्फियर में दिखा पहली बार
भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्लूडब्लूआई) के वैज्ञानिकों के अनुसार सन 2000 तक पिथौरागढ़, चमोली और केदारनाथ में हिम तेंदुओं के पग मार्क (पैरों के निशान) मिलते थे। यानी इनकी उपस्थिति थी, लेकिन ये किसी को नजर नहीं आते थे।
2010 में पहली बार नंदा देवी बायोस्फियर (चमोली और पिथौरागढ़ में विस्तृत) डब्लूडब्लूआई की मदद से लगाए गए कैमरे में हिम तेंदुआ ट्रैप किया गया। इसके बाद 2011, 2012 और 2013 में भी यहां कैमरा ट्रैपिंग में हिम तेंदुओं की उपस्थिति पाई गई।
इसी दिसम्बर में गंगोत्री नेशनल पार्क में दिखा
वर्ष 2013 के अंत में पहली बार उत्तरकाशी के गंगोत्री नेशनल पार्क में दो हिम तेंदुओं को ट्रैप किया गया। उत्तरकाशी में ही गोविंद पशु विहार में भी इनकी मौजूदगी के संकेत मिले हैं। इससे साफ होता है कि हिम तेंदुए के वासस्थल में बड़ा विस्तार हुआ है।
देशभर में होगी गिनती
हिम तेंदुओं की मौजूदगी और बेहतर संख्या के अनुमानों के बीच देशभर में इनकी गिनती की कवायद शुरू हो गई है। उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में पहली बार इनकी गिनती होगी। इसके लिए बजट आवंटन की तैयारी चल रही है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय यह गणना डब्लूडब्लूआई के जरिये कराएगा। यह गणना पहली बार होगी। बता दें कि वर्ष 2006 में डब्लूडब्लूआई ने एक आकलन के बाद देश में करीब 500 हिम तेंदुए होने का अनुमान लगाया था।
पांच राज्यों में पाए जाते हैं
हिम तेंदुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाने वाला जीव है। देश में पांच राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में ये पाए जाते हैं।
शिकारियों का है खतरा
उत्तराखंड में शिकारियों से हिम तेंदुओं को खतरा है। प्रदेश में ऑन द रिकार्ड तीन हिम तेंदुओं का शिकार किया जा चुका है। पहली बार वर्ष 2010 में इनके शिकार की घटना संज्ञान में आई थी।
विशेषज्ञ बताते हैं कि बर्फबारी के दौरान हिम तेंदुए ऊंचे पहाड़ों से नीचे की ओर आ जाते हैं। उस दौरान वनकर्मियों की गश्त भी कम होती है। इसका लाभ उठाकर शिकारी इनका शिकार कर लेते हैं।
उत्तराखंड में हिम तेंदुओं के लिए अनुकूल माहौल है। जिन पांच राज्यों में ये पाए जाते हैं, वहां इनके संरक्षण के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय योजना बना रहा है। इसके तहत पहली बार अगले वित्तीय वर्ष में उनकी गणना करने की तैयारी है।
-डा. सत्य कुमार, वैज्ञानिक, भारतीय वन्यजीव संस्थान (पिछले कई वर्षों से हिम तेंदुए पर अध्ययनरत)