उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक पति ने दूसरी शादी करने के लिए अपनी पत्नी की सुपारी दे दी। 30 सितंबर की रात पिथौरागढ़ में गणाईगंगोली के रैतोली में हुई विवाहिता विद्या जोशी की हत्या का एसओजी, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग पुलिस की संयुक्त टीम ने खुलासा कर दिया है।
मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर किया खुलासा
विवाहिता की हत्या उसके पति ने ही कराई थी। पति दूसरी शादी करना चाहता था। पुलिस ने हत्यारे के साथ ही मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी रोशन लाल शर्मा ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को दिया ढाई हजार का इनाम दिया है।
30 सितंबर की रात रैतोली निवासी विद्या जोशी (34) पत्नी गणेश जोशी की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी। मामले की प्रारंभिक जांच राजस्व पुलिस ने की। खुलासा न होने पर मामला रेगुलर पुलिस को सौंप दी गई। पुलिस क्षेत्राधिकारी एचसी सती के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस से मिली जानकारी के मृतका मोबाइल फोन लूटा गया था। मोबाइल को सर्विलांस में लगाया गया। लूटा गया मोबाइल कमल सिंह पुत्र जैंत सिंह निवासी धारी जिला बागेश्वर से बरामद हुआ। अभियुक्त ने खुलासा किया कि मृतका के पति ने ही उसकी हत्या कराई।
मृतका के बच्चे नहीं थे। विवेचना में सामने आया है कि वह बीमार रहती थी। मृतका का पति गणेश जोशी बागेश्वर में वन विभाग में संविदा में नौकरी करता था। कपकोट (बागेश्वर) की किसी महिला से विवाह करना चाहता था। बागेश्वर रहने के दौरान गणेश की कमल की जान पहचान हुई।
( कमल और उसकी पत्नी का बागेश्वर कोर्ट में एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।) गणेश ने पत्नी की हत्या के लिए कमल को राजी कर लिया। इसके एवज में मुकदमे में मदद देने का आश्वासन देकर उसने कमल को मात्र तीन हजार रुपए में उसकी पत्नी की हत्या करने के लिए राजी कर लिया।
कमल ने 30 सितंबर की रात गणेश जोशी के घर रैतोली पहुंचकर घर में रखी कुल्हाड़ी और बांसुले से वार कर विद्या जोशी की हत्या कर दी। पुलिस ने कमल के साथ ही पत्नी की हत्या के षडयंत्र में शामिल गणेश जोशी को भी गिरफ्तार कर लिया।
मामले का खुलासा करने वाले दल में बेड़ीनाग के धानाध्यक्ष विजेंद्र साह, गंगोलीहाट के चौकी इंचार्ज हरीश राम आर्या, एसओजी प्रभारी शिशुपाल राणा, हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर जोशी, कांस्टेबल इमरान खान, मनमोहन भंडारी, अनिल मर्तोलिया, मनोज देव, अशोक गोयल शामिल थे।
पहाड़ का पहला भाड़े का हत्यारा
पहाड़ में तुलनात्मक तौर पर अपराध कम होते हैं। ऐसे में भाड़े का हत्यारा, वह भी पहाड़ का, देखने-सुनने को नहीं मिलता। पहाड़ के इस भाड़े के हत्यारे ने केवल तीन हजार रुपए में पति से सुपारी लेकर उसकी पत्नी को मार डाला।
यह पहाड़ में बढ़ने वाले अपराध की तरफ इशारा कर रहा है। अगर समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया, तो सुरक्षित और शांत कही जाने वाली वादियां आपराधिक घटनाओं के दहल जाएंगी।