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हिंदी हैं हम: आईआईटी रुड़की देश ही नहीं, विदेशियों को हिंदी का ज्ञान बांट रहा संस्थान 

Sun, 12 Sep 2021 10:15 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की

सार

आईआईटी रुड़की में विभिन्न देशों के करीब 140 छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। इनमें ज्यादा संख्या नेपाल, अफगानिस्तान, भूटान, इथोपिया, श्रीलंका, थाइलैंड, इंडोनेशिया और वियतनाम आदि की है। हिंदी के ज्ञान से अनभिज्ञ इन छात्रों को हिंदी सिखाने के लिए संस्थान के हिंदी सेल की ओर से विशेष प्रयास किए जाते हैं।
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आईआईटी, रुड़की - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश का शीर्ष तकनीकी संस्थान अपने यहां न केवल गैर हिंदी भाषी लोगों को हिंदी का ज्ञान बांट रहा है, बल्कि विदेशी छात्रों को भी राजभाषा की शिक्षा दे रहा है। यही नहीं, हर साल परीक्षा और परिणाम के साथ ही प्रोत्साहन के लिए नकद इनाम और प्रशस्तिपत्र भी दिए जा रहे हैं। हालांकि दो साल से कोरोना के चलते ऑनलाइन कक्षाएं ही संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद हिंदी के ज्ञान और प्रसार का काम लगातार किया जा रहा है।

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कई देशों के करीब 140 छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत

गौरतबल है कि आईआईटी रुड़की में विभिन्न देशों के करीब 140 छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। इनमें पीएचडी और पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र शामिल हैं। इनमें ज्यादा संख्या नेपाल, अफगानिस्तान, भूटान, इथोपिया, श्रीलंका, थाइलैंड, इंडोनेशिया और वियतनाम आदि की है। हिंदी के ज्ञान से अनभिज्ञ इन छात्रों को हिंदी सिखाने के लिए संस्थान के हिंदी सेल की ओर से विशेष प्रयास किए जाते हैं।

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इसके तहत हर साल औसतन 20 से 25 विदेशी और करीब इतने ही गैर हिंदी प्रदेशों के प्रोफेसर, अधिकारी एवं कर्मचारियों को हिंदी की कक्षाएं दी जाती हैं। पिछले दो साल से कोरोना के चलते वर्तमान में गैर हिंदी प्रदेशों के छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। इस सत्र में हिंदी सीखने के लिए आवेदन पत्र जारी किए गए हैं। इसके बाद यहां हिंदी सीखने वालों की संख्या में इजाफा होगा।

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हिंदी बोलने के साथ ही व्याकरण के अनुरूप लिखने का भी ज्ञान

खास बात यह है कि कक्षाओं में हिंदी बोलने के साथ ही व्याकरण के अनुरूप लिखने का भी ज्ञान दिया जाता है। आईआईटी हिंदी सेल में वरिष्ठ अधीक्षक एवं हिंदी अनुवादक सपना गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार के राजभाषा विभाग की ओर से हिंदी के प्रति प्रोत्साहित करने की योजना है।

इसके तहत संस्थान विदेशी और गैर हिंदी प्रदेशों के छात्रों को निरंतर हिंदी पढ़ा रहा है। हालांकि कोरोना के चलते पिछले दो सालों से ऑफलाइन कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई हैं। वर्तमान सत्र में आवेदन मांगे गए हैं। स्थिति के अनुसार ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होंगी। हालांकि ऑनलाइन कक्षाएं लगातार जारी रहेंगी। 

हिंदी सीखने पर गृह मंत्रालय जारी करता है सर्टिफिकेट 
हिंदी सीखने के लिए पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के बाद परीक्षा का आयोजन किया जाता है। परीक्षा परिणाम के बाद गृह मंत्रालय के अधीन केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान नई दिल्ली की ओर से सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। साथ ही संस्थान की ओर से पुरस्कार आदि प्रदान कर प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया जाता है। 
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