नैनीताल हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को 15 मई से 15 जून तक के लिए नेपाल जाने की अनुमति दे दी है। साथ ही 16 जून को निचली अदालत देहरादून में पेश होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
मांगी छह माह की अनुमति
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। आचार्य बालकृष्ण ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि नेपाल में आए भूकंप से भारी नुकसान हुआ है, जिसमें उनके संस्थान को भी क्षति पहुंची है। इसलिए उन्हें छह माह के लिए नेपाल जाने की अनुमति दी जाए।
वह भूकंप पीड़ितों की मदद करना चाहते हैं तथा अपने संस्थान में हुई क्षति का निरीक्षण करना चाहते हैं।
16 जून को कोर्ट में पेश होने के निर्देश
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को 15 मई से 15 जून तक के लिए नेपाल जाने की अनुमति देते हुए उन्हें 16 जून को निचली अदालत में पेश होकर उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में सीबीआई की ओर से बालकृष्ण पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट लिए जाने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद हाईकोर्ट ने आचार्य बालकृष्ण का पासपोर्ट हाईकोर्ट में जमा करने के निर्देश देते हुए कहा था कि उन्हें कहीं बाहर जाने से पहले हाईकोर्ट की अनुमति लेनी होगी।