कार्यभार संभालते ही मुख्यमंत्री हरीश रावत के तेवर तल्ख होते दिखे। उन्होंने पहले कैबिनेट बैठक कर सरकार की विधिवत शुरूआत की, इसकेबाद मुख्य सचिव समेत सभी ब्यूरोक्रेट्स की बैठक में अपना एजेंडा समझाते हुए स्पष्ट किया कि काम में तेजी लाइए, क्योंकि अब मेरे पास समय नहीं है।
इसके बाद उन्होंने पुलिस विभाग के कान उमेठे। फिर पूरे मंत्रिमंडल के साथ राज्यपाल से मुलाकात शिष्टाचार मुलाकात कर दिल्ली हाईकमान से मिलने के लिए रवाना हो गए।
वैसे तो हरीश रावत बीती मध्य रात्रि में ही मुख्यमंत्री के पद पर बहाल हो गए थे, लेकिन गुरुवार को उनके दिन की शुरूआत तल्ख तेवरों के साथ हुई। उन्होंने तेजी से काम शुरू भी किया। बगैर एजेंडे की कैबिनेट बैठक बुलाकर पुराने फैसले को लागू करने की हिदायत दी।