कांग्रेस से दलित वोट बैंक खिसकने का असर उत्तराखंड में दिखने लगा है। बुधवार को अनुसूचित जाति-जनजाति महापंचायत में बुधवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जिस तरह दलित कार्ड खेला, उसे इसी नजर से देखा जा रहा है।
महापंचायत में सीएम ने न सिर्फ दलित वर्ग से कांग्रेस का पुराना रिश्ता बताया बल्कि उनके लिए कई घोषणाएं भी कीं। जिसमें बाबा साहब के नाम से राज्य में दो मेडिकल कालेज और जगजीवन राम के नाम पर चार पालीटेक्निक खोलने की घोषणा प्रमुख है।
यही नहीं अनुसूचित जाति-जनजाति के महापुरुष खुशीराम और जयानंद भारती के नाम से पार्क बनवाने की भी बात कही। इसके साथ ही अनुसूचित जाति-जनजाति को कानूनी सलाह और सहायता के लिए हाईकोर्ट में तीन वकील नियुक्ति करने का वादा भी किया।
रामलीला मैदान में आयोजित महापंचायत में सीएम ने कहा कि कुछ लोग संविधान की प्रस्तावना से मूल भावना समता, समाजवाद और धर्म निरपेक्षता को हटाना चाहते हैं। संविधान से छेड़छाड़ की गई तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपनल के तहत आउटसोर्स से रखे जाने वाले कर्मियों में भी आरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी।
संवैधानिक पदों की रिक्तियों को 15 दिनों के भीतर भरा जाएगा। कहा कि प्रमोशन में आरक्षण का नया फार्मूला जल्द ही निकाल लिया जाएगा। वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि आरक्षण कोटे के पद सामान्य से नहीं भरे जाएंगे।
आउटसोर्स से भरे जाने वाले पदों पर आरक्षण लागू किया जाएगा। निजी सेक्टरों ने अगर दबाव बनाया तो केंद्र सरकार से बात कर एक्ट बनाकर व्यवस्था को लागू करेंगे।