डीजीपी ने अधीनस्थों की बैठक लेते हुए कहा कि बदमाशों का हुलिया अन्य राज्यों की पुलिस से साझा किया जाए। उनके वाहनों की डिटेल लेकर सर्विलांस की मदद से मोबाइल आदि की जानकारी जुटाएं। डीजीपी ने कहा कि तकनीक के साथ-साथ मुखबिर तंत्र की मदद भी ली जाए।
कोई भी एंगल छूटना नहीं चाहिए। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने डीजीपी को अलग-अलग राज्यों में बदमाशों की तलाश कर रही पुलिस टीमों की अपडेट उपलब्ध कराई। इस दौरान एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, एसपी क्राइम पंकज गैरोला आदि मौजूद रहे।