राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि हंसी की शारीरिक और मानसिक स्थित पूरी तरह से ठीक नहीं है, इसलिए पहले उनकी काउंसिलिंग की जाएगी। मनोवैज्ञानिक और समाजशास्त्री की मदद ली जाएगी। हंसी के स्वास्थ्य में जब कुछ सुधार होगा तो उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हंसी को लेकर गंभीर हैं। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उसकी कैसे देखरेख करनी है।
हंसी ने भाई के साथ जाने से किया इनकार
हंसी का भाई आनंद भी उनसे मिलने जवाहर लाल नेहरू युवा केंद्र पहुंचे थे। आनंद नोएडा में प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि हंसी बीच बीच में अल्मोड़ा अपनी बेटी से मिलने जाती हैं। आनंद ने जब हंसी को अपने साथ चलने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। कुछ देर हंसी के साथ रहने के बाद आनंद नोएडा लौट गए।
मेयर ने आयुक्त को लिखा पत्र
मेयर अनीता शर्मा ने हंसी प्रहरी को आवास आवंटन के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। बता दें कि मंगलवार को उन्होंने ज्वालापुर स्थित पांडेवाला में बना आवास आवंटित करने का आश्वासन दिया था। पहले उन्होंने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाने की बात कही थी। मेयर अनीता शर्मा ने कहा कि उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर आवास आवंटित करने को कहा है।
‘मैने हंसी प्रहरी से नहीं लिए कोई नोट्स’
कुमाऊं विवि के राजकीय महाविद्यालय रानीखेत में अंग्रेजी विभाग में कार्यरत सहायक प्रोफेसर डॉ. बरखा रौतेला का कहना है कि उन्होंने कभी हंसी प्रहरी से कोई नोट्स नहीं लिए और न उनसे पढ़ाई की। डॉ. बरखा रौतेला का कहना है कि वह एमए में एसएसजी कैंपस अल्मोड़ा की टॉपर हैं। उनके पास आज भी खुद के बनाए हुए नोट्स रखे हैं। उन्हीं में से कुछ नोट्स अब भी वे विद्यार्थियों को देती हैं। डॉ. बरखा रौतेला का कहना है कि कुमाऊं विवि में उनकी एक अच्छे शिक्षक की छवि है।
हंसी का कहना है कि उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय की अंग्रेजी व राजनीति विज्ञान से एमए किया था। वर्ष 2000 वह अपने कॉलेज की छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष चुनी गईं। बाद में वह कुमाऊं विश्वविद्यालय में ही लाइब्रेरियन की नौकरी करने लगीं। वहां उन्होंने चार साल तक नौकरी की।
नौकरी छोड़ने के बाद जब वे दोबारा अच्छी जॉब की तलाश करने लगी तो नहीं मिली। इसी बीच वैवाहिक जीवन में भी कलह होने लगी। इन दोनों कारणों से वह अवसाद में चली गई।
छात्रसंघ की उपाध्यक्ष बनी हंसी ने उत्तराखंड राज्य बनने के बाद हुए विधानसभा चुनाव में सोमेश्वर सीट से कांग्रेस के प्रदीप टम्टा और भाजपा के राजेश कुमार के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। हंसी ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी नानी के पास रहती है। छह साल का बेटा उनके साथ रहता है।