उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग करते हुए कहा कि सरकार और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें। कहा कि वह आधे घंटे पीड़ित परिवार के पास रहे, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वहां मौजूद नहीं रहा। संसद में भी वह इस प्रकरण की आवाज उठाएंगे।
जरूरत पड़ी तो लोक सभा अध्यक्ष के माध्यम से अधिकारियों को संसद में तलब करवाएंगे। सांसद के गांव में रहने तक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। उधर, पहली बार सांसद बनने पर हरिद्वार पहुंचने पर ग्रामीण उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़े।