मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने नई खनन नीति में गंगा की धारा से एक किलोमीटर दूर स्टोन क्रशर लगाने की अनुमति पर सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि गंगा से एक किलोमीटर दूर स्टोन क्रशर लगाने संबंधी अनुमति रद्द नहीं की गई तो मातृ सदन बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र भेजने के साथ ही हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा।
गंगा सरकार की पैतृक संपत्ति नहीं
उन्होंने कहा कि गंगा सरकार की पैतृक संपत्ति नहीं है, बल्कि भारत की अमूल्य धरोहर है। इसलिए सरकार की गंगा के किनारों पर स्टोन क्रशर खोलने की नई नीति के खिलाफ पूर देशभर में आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा। जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की ओर से गंगा के 5 किलोमीटर दायरे में क्रशर लगाने को प्रतिबंधित का पालन कराने की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि धर्म नगरी के साधुओं को भी धर्म के लिए काम करना चाहिए। किसी राजनीति दल का प्रचार-प्रसार करने वाले साधुओं के नाम पर कलंक हैं। वह धर्मनगरी के साधु-संतों से मर्यादा में रहने की मांग करते हैं, ताकि धर्म और साधु-संत राजनीतिक लोगों की कठपुतली बनने से बचे रहें।