फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार: अस्थि विसर्जन के लिए साथ लाएं कोविड निगेटिव रिपोर्ट, पंजीकरण भी अनिवार्य

Wed, 28 Jul 2021 02:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

कोविड संक्रमण का खतरा अब भी बना हुआ है। इसके चलते ही कांवड़ यात्रा रद्द की गई है। हरिद्वार में रोजाना हजारों की संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
हरिद्वार में अस्थि विसर्जन - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यदि आप अपनों की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने हरिद्वार आ रहे हैं तो अपनी कोविड जांच की 72 घंटे पहले आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट जरूरी लाएं। यदि वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं और प्रमाणपत्र है तो निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा हरिद्वार आने के लिए स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण भी करवाना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने मंगलवार को कोविड कर्फ्यू की एसओपी जारी कर दी है। एसपीओ छह अगस्त की सुबह छह बजे तक लागू होगी।

विज्ञापन


कांवड़ यात्रा स्थगित: एसएसपी ने किया नारसन और पुरकाजी बॉर्डर का निरीक्षण, 600 वाहन लौटाए

उत्तर भारत के राज्यों से लोग अपनों की अस्थियां विसर्जन के लिए आते हैं। सावन में कांवडिए भी पुलिस को चकमा देकर ट्रेनों और बसों से हरिद्वार पहुंच रहे हैं। हरिद्वार में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के लोगों के लिए आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट और पोर्टल पर पंजीकरण की अनिवार्यता है। वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के 15 दिन बाद प्रमाणपत्र होने पर निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी, लेकिन पोर्टल  http.//smartcitydehradun.uk.gov.in पर पंजीकरण जरूरी होगा। 
विज्ञापन


रेलवे स्टेशन से सोमवार को 325 कांवड़िए पकड़े जाने और अहमदाबाद से अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचे छह लोगों के रैंडम सैंपलिंग में कोविड पॉजिटिव मिलने पर स्टेशन पर सख्ती कर दी गई है। शासन के कोविड कर्फ्यू बढ़ाए जाने के बाद जिलाधिकारी सी रविशंकर ने भी हरिद्वार जिले के लिए एसओपी जारी कर दी है। एसओपी का कड़ाई से पालन कराए जाने के निर्देश जारी किए हैं। अस्थि विसर्जन में अधिकतम चार लोग आ सकते हैं।

स्टेशन पर चकमा देकर निकल रहे यात्री

कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित होने के बाद लगातार सख्ती की जा रही है। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को निकासी द्वार पर रोककर कोविड निगेटिव रिपोर्ट या फिर दोनों टीके लगने का प्रमाणपत्र की जांच की जा रही है। इसमें यात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। कई यात्री पुलिस और जीआरपी को चकमा देकर स्टेशन परिसर के दूसरे रास्तों से बाहर निकल रहे हैं। हालांकि, इनमें अधिकतर यात्री हरिद्वार के हैं, जो बाहर से आ रहे हैं। लेकिन इससे संक्रमण के फैलाव का खतरा बना है।

कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित है। बावजूद दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनें फुल होकर हरिद्वार पहुंची रही हैं। ट्रेनों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार आ रहे हैं। इनमें कांवडिए से लेकर अस्थि विसर्जन करने वाले और अन्य यात्री शामिल हैं। ट्रेनों में सफर के लिए 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट या टीके का प्रमाणपत्र अनिवार्य है। दोनों की जांच करने के लिए स्टेशन पर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। ट्रेन से उतरकर बाहर निकलने वाले यात्रियों को निकास द्वार के पास रोका जा रहा है।

रिपोर्ट या प्रमाणपत्र नहीं होने पर सैंपल लिया जा रहा है। कांवड़िए होने पर वापस शटल बस में बैठाकर बार्डर तक छोड़ा जा रहा है। निकासी द्वार पर पुलिस पूछताछ और रैंडम जांच से बचने के लिए कई यात्री चकमा देकर दूसरे वैकल्पिक रास्तों से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। 
विज्ञापन

शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं 

रेलवे स्टेशन पर लगाए गए कोरोना जांच कैंप में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। कोरोना जांच कराने के लिए पहुंच रहे यात्री जगह की कमी होने के कारण एक साथ खड़े हो रहे हैं। अधिकतर मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। प्रत्येक ट्रेन से 150 से 200 यात्री धर्मनगरी पहुंच रहे हैं। एक यात्री की जांच में करीब पांच मिनट लग रहे हैं। इससे यात्रियों को घंटों रुकना पड़ रहा है। रैंडम जांच के लिए स्टेशन पर 10 टीमें लगाई गई हैं। 

स्टेशन पर कई हैं बाहर निकलने के रास्ते 
रेलवे स्टेशन पर बाहर निकलने के कई रास्ते हैं। जिनके माध्यम से यात्री बाहर जा रहे हैं। आरक्षण कक्ष के पास से एक रास्ता फ्लाईओवर के नीचे से सीधा निकल रहा है। इसके साथ ही रेलवे गेस्ट हाउस के पास भी रास्ता बाहर जा रहा है। इन रास्तों का इस्तेमाल कर यात्री बाहर जा रहे हैं। 

स्टेशन पर पूरी सख्ती बरती जा रही है। यात्रियों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक करने के बाद ही बाहर जाने दिया जा रहा है। स्टेशन परिसर में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। अन्य रास्तों पर नजर रखी जाएगी। 
- अनुज कुमार, एसओ जीआरपी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें