कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित होने के बाद लगातार सख्ती की जा रही है। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को निकासी द्वार पर रोककर कोविड निगेटिव रिपोर्ट या फिर दोनों टीके लगने का प्रमाणपत्र की जांच की जा रही है। इसमें यात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। कई यात्री पुलिस और जीआरपी को चकमा देकर स्टेशन परिसर के दूसरे रास्तों से बाहर निकल रहे हैं। हालांकि, इनमें अधिकतर यात्री हरिद्वार के हैं, जो बाहर से आ रहे हैं। लेकिन इससे संक्रमण के फैलाव का खतरा बना है।
कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित है। बावजूद दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनें फुल होकर हरिद्वार पहुंची रही हैं। ट्रेनों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार आ रहे हैं। इनमें कांवडिए से लेकर अस्थि विसर्जन करने वाले और अन्य यात्री शामिल हैं। ट्रेनों में सफर के लिए 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट या टीके का प्रमाणपत्र अनिवार्य है। दोनों की जांच करने के लिए स्टेशन पर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। ट्रेन से उतरकर बाहर निकलने वाले यात्रियों को निकास द्वार के पास रोका जा रहा है।
रिपोर्ट या प्रमाणपत्र नहीं होने पर सैंपल लिया जा रहा है। कांवड़िए होने पर वापस शटल बस में बैठाकर बार्डर तक छोड़ा जा रहा है। निकासी द्वार पर पुलिस पूछताछ और रैंडम जांच से बचने के लिए कई यात्री चकमा देकर दूसरे वैकल्पिक रास्तों से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
रेलवे स्टेशन पर लगाए गए कोरोना जांच कैंप में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। कोरोना जांच कराने के लिए पहुंच रहे यात्री जगह की कमी होने के कारण एक साथ खड़े हो रहे हैं। अधिकतर मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। प्रत्येक ट्रेन से 150 से 200 यात्री धर्मनगरी पहुंच रहे हैं। एक यात्री की जांच में करीब पांच मिनट लग रहे हैं। इससे यात्रियों को घंटों रुकना पड़ रहा है। रैंडम जांच के लिए स्टेशन पर 10 टीमें लगाई गई हैं।
स्टेशन पर कई हैं बाहर निकलने के रास्ते
रेलवे स्टेशन पर बाहर निकलने के कई रास्ते हैं। जिनके माध्यम से यात्री बाहर जा रहे हैं। आरक्षण कक्ष के पास से एक रास्ता फ्लाईओवर के नीचे से सीधा निकल रहा है। इसके साथ ही रेलवे गेस्ट हाउस के पास भी रास्ता बाहर जा रहा है। इन रास्तों का इस्तेमाल कर यात्री बाहर जा रहे हैं।
स्टेशन पर पूरी सख्ती बरती जा रही है। यात्रियों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक करने के बाद ही बाहर जाने दिया जा रहा है। स्टेशन परिसर में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। अन्य रास्तों पर नजर रखी जाएगी।
- अनुज कुमार, एसओ जीआरपी।