उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। साध्वी प्राची ने कहा कि नोटबंदी के समय तोष जैन ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए उनसे मदद मांगी थी। तब उन्होंने दान की तीन पेटियां तोष जैन को दी थी। बाद में पैसे वापस मांगने पर तोष ने तीन बीघा जमीन गोशाला को दान की थी।
साध्वी ने आरोप लगाया कि तोष जैन ने पूरी योजना के तहत यशपाल तोमर को अपने घर बुलाया और बाद में झूठे आरोप लगाते हुए फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि साजिश के तहत उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यशपाल व तोष जैन के बीच हुई बातचीत की वीडियो में तोष जैन खुद यशपाल को अपने घर बुलाते हुए सुनाई दे रहे हैं।
वहीं, उद्योगपति तोष जैन ने साध्वी प्राची के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि साध्वी ने उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने उनसे कोई दानपात्र नहीं लिए थे। साध्वी प्राची से उनकी मुलाकात भी तहसील में ही हुई थी। जब यशपाल ने जबरन उन्हें जमीन दान दिलवाई थी। कहा कि मैंने किसी की कोई छवि खराब नहीं की है। अगर साध्वी प्राची यशपाल तोमर को नहीं जानती हैं तो फिर उन्हें ऑडियो क्लिप कहां से मिली है।