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हरिद्वार: जयंती की पूर्व संध्या पर दुष्यंत गौतम का नेहरू पर हमला, बोले- उनकी जिद के कारण हुए देश के दो टुकड़े 

Sat, 13 Nov 2021 04:58 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

भाजपा के प्रबुद्ध सम्मेलन में शामिल होने हरिद्वार पहुंचे प्रदेश प्रभारी ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के 1947 में भीख में मिली आजादी के बयान पर कहा कि वह अपनी भावनाओं को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाईं।
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भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती की पूर्व संध्या पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने नाम लिए बगैर उनको देश के विभाजन और करीब दस लाख लोगों के कत्लेआम का जिम्मेदार ठहराया।

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ऐसे व्यक्ति को भी देशद्रोही माना जाना चाहिए
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद दुर्भाग्य से पहला प्रधानमंत्री ऐसा बना, जिसकी जिद के कारण देश के दो टुकड़े हुए। ऐसे व्यक्ति को भी देशद्रोही माना जाना चाहिए।

भावनाओं को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाईं कंगना
शनिवार को भाजपा के प्रबुद्ध सम्मेलन में शामिल होने हरिद्वार पहुंचे प्रदेश प्रभारी ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के 1947 में भीख में मिली आजादी के बयान पर कहा कि वह अपनी भावनाओं को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाईं। दुष्यंत गौतम ने कहा कि आजादी भीख में नहीं मिली है।
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देशभक्तों ने कुर्बानी दी और त्याग किया
आजादी के लिए हमारे देशभक्तों ने कुर्बानी दी और त्याग किया है। कालापानी गए और फांसी पर लटकाए गए हैं। उसे नकारा नहीं जा सकता है। देश के लिए जान देने वाले शहीदों का सम्मान करते हैं। दुष्यंत गौतम ने दो टूक कहा कि देश को आजादी नेहरू और गांधी खानदान ने नहीं दिलाई।

नेहरू-गांधी खानदान की कुरीतियों को हमें याद रखना चाहिए
अब तक सुभाष चंद्र बोस, सरदार भगत सिंह और सरदार वल्लभ भाई पटेल को छुपाया गया। ऐसा लगा कि नेहरू-गांधी खानदान न होता तो हमें आजादी नहीं मिलती। इस खानदान की कुरीतियों को हमें याद रखना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के बाद जो प्रधानमंत्री मिला और वर्ष 2014 के बाद के प्रधानमंत्री की तुलना की जाए तो रोजी-रोटी, रोजगार, बच्चों की शिक्षा, बुजुर्गों का सम्मान और मां-बहनों की इज्जत सबके मामले में देश आगे बढ़ा है।

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