कांग्रेस नेता एडवोकेट राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि कृषि कानून वापस लिए जाने का फैसला कोई पछतावा नहीं बल्कि केवल राजनीतिक स्टंट है। यदि प्रधानमंत्री को वास्तव में तीनों कृषि कानून वापस लेने थे तो 700 किसानों की मौत का इंतजार क्यों किया। इन किसानों की मौत के जिम्मेदार प्रधानमंत्री हैं। कहा कि वे एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और सांसदों से मिलने दिल्ली जाएंगे।
शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता एडवोकेट राजेंद्र चौधरी ने कहा कि वर्ष 2022 में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। इनमें भाजपा की हार के डर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया, लेकिन इसे वापस लेने में जो देरी प्रधानमंत्री ने की, वह निंदनीय है। इस आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत हुई है, प्रधानमंत्री स्वयं इसके जिम्मदार हैं। अब चुनाव के दौरान कानून वापस लेने से माफी नहीं दी जा सकती है।
कहा कि एक दिसंबर को 50 कांग्रेस और किसान नेताओं के साथ वह राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस सांसदों से मिलेंगे। साथ ही मांग करेंगे कि एमएसपी पर कानून बनाने के लिए एक्सपर्ट की राय लें और संसद में कानून बनाए जाने की लड़ाई लड़ें।