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कृषि कानून होंगे वापस: हरिद्वार में भाकियू टिकैत ने की घोषणा, संसद में कृषि कानून वापसी तक जारी रहेगा धरना 

Fri, 19 Nov 2021 08:58 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, बहादराबाद(हरिद्वार)

सार

Farm Laws Repeal:  भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री ने कहा कि एक साल के लंबे संघर्ष के बाद सरकार जागी है। यह हमारी पहली जीत है। 
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के लिए भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा कर दी हो, मगर किसान संसद में कानून लेने का प्रस्ताव लाने तक धरना जारी रखेंगे। हालांकि, किसानों ने पीएम की घोषणा का स्वागत किया है।  कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसानों ने टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। कई महीनों से किसान यहां डटे हैं। शुक्रवार सुबह जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की तो किसानों चेहरे खिल गए और अपनी जीत का जश्न मनाया।  

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कृषि कानून वापसी का एलान: उत्तराखंड के किसानों में खुशी, कहा- आंदोलन के दौरान जिनकी मौत हुई उन्हें शहीद का दर्जा दें

भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री ने कहा कि एक साल के लंबे संघर्ष के बाद सरकार जागी है। यह हमारी पहली जीत है। उन्होंने कहा कि हाईकमान की ओर से निर्देश हैं कि जब तक सरकार संसद में बिल को वापस लिए जाने के लिए प्रस्ताव पारित नहीं करेगी। तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। 
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उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसान शहीद हुए। जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता है। किसानों की शहादत पर ही यह जीत मिली है। इस मौके पर सुबा सिंह ढिल्लो, रामपाल सिंह, प्रवीण कुमार, अरविंद कुमार, जितेंद्र प्रधान, जोगेंद्र सिंह, हाजी असगर अली, आमिर खान, जसवीर सिंह, जसपाल सिंह, नवजीत सिंह, गुरुप्रीत सिंह सागर, बलबीर सिंह, जत्थेदार, रूप सिंह ढिल्लो आदि मौजूद रहे। 

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कृषि कानून वापस लेना राजनीतिक स्टंट: चौधरी

कांग्रेस नेता एडवोकेट राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि कृषि कानून वापस लिए जाने का फैसला कोई पछतावा नहीं बल्कि केवल राजनीतिक स्टंट है। यदि प्रधानमंत्री को वास्तव में तीनों कृषि कानून वापस लेने थे तो 700 किसानों की मौत का इंतजार क्यों किया। इन किसानों की मौत के जिम्मेदार प्रधानमंत्री हैं। कहा कि वे एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और सांसदों से मिलने दिल्ली जाएंगे।

शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता एडवोकेट राजेंद्र चौधरी ने कहा कि वर्ष 2022 में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। इनमें भाजपा की हार के डर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया, लेकिन इसे वापस लेने में जो देरी प्रधानमंत्री ने की, वह निंदनीय है। इस आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत हुई है, प्रधानमंत्री स्वयं इसके जिम्मदार हैं। अब चुनाव के दौरान कानून वापस लेने से माफी नहीं दी जा सकती है।

कहा कि एक दिसंबर को 50 कांग्रेस और किसान नेताओं के साथ वह राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस सांसदों से मिलेंगे। साथ ही मांग करेंगे कि एमएसपी पर कानून बनाने के लिए एक्सपर्ट की राय लें और संसद में कानून बनाए जाने की लड़ाई लड़ें।
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