वेद, दर्शन, उपनिषद के साथ पांच भाषाओं की होगी पढ़ाई
रामदेव ने कहा कि प्रस्तावित पतंजलि गुरुकुलम् वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा का अद्भुत समन्वय होगा। यहां आधुनिक विषयों के साथ सनातन वैदिक परंपरा के परिचायक वेद, दर्शन, उपनिषद्, श्रीमद्भगवद्गीता, पंचोपदेश आदि के अध्ययन की व्यवस्था होगी। यहां पांच भाषाओं की पढ़ाई भी कराई जाएगी।
बापू, प्रथम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक आ चुके हैं गुरुकुल
रामदेव ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने गुरुकुल परिसर में पहुंचकर स्वामी दर्शनानंद की प्रशंसा की थी। गुरुकुल में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह आदि राष्ट्र के महानायकों ने आकर स्वयं को सौभाग्यशाली समझा।
पृथ्वीराज चौहान की भव्य प्रतिमा और बनेगा कम्यूनिटी हाल
स्वामी रामदेव ने कहा कि आर्य मनीषियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चौहान समाज ने गुरुकुल की परंपरा को उस समय स्थापित करवाया, जब दमनकारी साम्राज्य हुआ करता था। इस परिसर में पृथ्वीराज चौहान की भव्य प्रतिमा और कम्यूनिटी हाल का निर्माण किया जाएगा। इससे शहर और आस-पास के लोगों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। शिलान्यास कार्यक्रम में कुल 50 हजार लोगों का भंडारा होगा।