उन्हाेंने प्रधानमंत्री आवास योजना के फोटो मानकों के अनुरूप भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड नहीं किए थे। इसकी जांच ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक (पीडी) केएन तिवारी ने की थी, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी दोषी पाया गया। इस लापरवाही को परियोजना निदेशक ने गंभीर लापरवाही मानते हुए यह कार्रवाई की है।
मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे ने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि यदि गड़बड़ी मिली तो उसे किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं की जाएगा।