कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार आने वाले यात्रियों के लिए पास की अनिवार्यता करने पर संतों, तीर्थ पुरोहितों और व्यापारियों ने कड़ा ऐतराज जताया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस व्यवस्था में बदलाव नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।
सरकार कुंभ नहीं कराना चाहती है। इसलिए यात्रियों पर कोरोना के नाम पर ऐसे नियम थोपे जा रहे हैं। यात्री नहीं आएंगे तो मंदी की मार झेल रहे व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे। शासन प्रशासन के इस निर्णय के विरोध में आंदोलन किया जाएगा।
- संजीव चौधरी, अध्यक्ष प्रदेश व्यापार मंडल
सरकार को कुंभ का आयोजन नहीं करना है तो साफ कह दे। ऐसी पाबंदियों से देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ न करें। पोर्टल पर रिपोर्ट और दस्तावेज अपलोड करने और पास जारी करने की पाबंदी का संत समाज पुरजोर विरोध करेगा।
- महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी
सरकार की कुंभ की तैयारी अधूरी है। अपनी कमी को छुपाने के लिए सरकार कोरोना संक्रमण की आड़ ले रही है। जब प्रयागराज में माघ मेले में लाखों श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं तो फिर महाकुंभ के आयोजन पर क्यों पाबंदी लगाई जा रही है।
- अंशुल श्रीकुंज, तीर्थ पुरोहित
सरकार अपनी नाकामी को छुपाना चाहती है। इसलिए कोरोना को बहाना बनाया जा रहा है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था का विरोध किया जाएगा। हमारी मांग है कि सरकार भी कुंभ के आयोजन को लेकर अपना रुख साफ करे।
- महंत लोकेश दास, परमाध्यक्ष जगन्नाथ आश्रम