मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहर के हरिद्वार रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से आयोजित हरेला पर्व पर वृक्षदान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री ने विधायकों और जनप्रतिनिधियों को पौधे दान किए। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए कहा। कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए हरेला पर्व के अवसर पर सभी को पौधरोपण का संकल्प लेना होगा।
उत्तराखंड: पर्यावरण संरक्षण, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है हरेला, होती है सावन की शुरूआत
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भविष्य की चिंता को देखते हुए ‘एक व्यक्ति एक वृक्ष’ का हमें संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को किस प्रकार से हमें स्वस्थ व सुरक्षित रखना है, यह व्यापक स्तर पर पौधरोपण से ही संभव है। उन्होंने कहा कि 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस पर उनके द्वारा यह संकल्प लिया गया कि हम ऐसे पौधों का रोपण करेंगे, जो दीर्घकाल तक जीवित रहते हैं। इनमें मुख्यत: पीपल और बरगद शामिल हैं। उन्होंने कहा है कि इस हरेला हमारा लक्ष्य प्रदेशभर में एक लाख पीपल व बरगद के पौधे लगाने का है।
इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, सहदेव सिंह पुंडीर, खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, देहरादून की जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट आदि उपस्थित थे।
हरेला की शुभकामनाएं देंगे लाटी के कार्टून
इस साल लाटी के कार्टून लोक संस्कृति से जुड़े पर्यावरण संरक्षण के महोत्सव हरेला की शुभकामनाएं देंगे। इसके लिए उत्तराखंड की युवा आर्टिस्ट कंचन जदली हरेला पर तरह-तरह के कार्टून बना रही हैं। साथ ही कंचन अपनी कला से प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण का भी संदेश दे रही हैं।
प्रेेमनगर निवासी कंचन जदली अमूल गर्ल की तर्ज पर पहाड़ का कार्टून कैरेक्टर लाटी बनाती हैं। कंचन ने बताया कि इस बार वह हरेला पर्व को लेकर कार्टून बना रही हैं। जिसे वह हरेला से एक दिन पहले अपने विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देंगी। चंडीगढ़ से फाइन आर्ट की पढ़ाई कर चुकीं कंचन उत्तराखंड का खानपान, वेशभूषा, लोक पर्व समेत प्रदेश की संस्कृति से जुड़े कई कार्टून बना चुकी हैं।