नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कैबिनेट में अपनी बात रखी थी। हम उनकी बात का हल निकाल रहे हैं। परिवार का मामला है ऐसी कोई बहुत बड़ी बात नहीं है।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
कैबिनेट की बैठक बहुत शांतिपूर्ण रही। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसमें एक सबसे अहम फैसला कोटद्वार में नया मेडिकल कॉलेज खोलने का है। इसके लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
- डॉ. धनसिंह रावत, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री
हरक सिंह का कोई इस्तीफा नहीं हुआ। मैंने कल भी कहा था और आज भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं। ये कोई प्रेशर पॉलिटिक्स नहीं है। मंत्री होने के साथ-साथ अपने क्षेत्र का विधायक होने के नाते विकास की दृष्टि से किसी कार्य को कराना या उसके बातचीत करना कोई प्रेशर पॉलिटिक्स नहीं है। उनकी अब कोई नाराजगी नहीं है।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा
हम भाजपा के सच्चे सिपाही
कैबिनेट मंत्री हरक की नाराजगी के बाद वह तो कोपभवन चले गए हैं, लेकिन उनकी साथ रहने वाले रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि हरक भाई की नाराजगी केवल मेडिकल कॉलेज पर थी, जो अब दूर हो गई है। हम सभी पार्टी के सच्चे सिपाही हैं।
दरअसल, शुक्रवार को मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के नाराज होकर कैबिनेट बैठक छोड़ने की खबर आते ही उनकी बगावत को लेकर चर्चाओं का बाजार फिर गर्म हो गया। हरक ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। शुक्रवार की शाम से वह कहां हैं, किसी को पता नहीं है। इस बीच शनिवार को सुबह उनके साथी रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ सामने आए। उन्होंने कहा कि कोई बड़ी बात नहीं थी। केवल एक आदमी लगातार अगर किसी काम के लिए प्रयास करता है। जनता से किया हुआ वादा पूरा करने के लिए प्रयास करता है तो वह पूरा न होने पर नाराजगी स्वाभाविक है।
विधायक काऊ ने कहा कि भले ही मैं ही हूं। मेरी बात नहीं मानी जाएगी। अधिकारी बार-बार अड़चन डालेंगे तो नाराजगी स्वाभाविक है। वही घटना हुई। जब हमारे हरक भाई की बात हम लोगों से हुई। वह ठीक हैं। पार्टी के साथ हैं। मुख्यमंत्री से भी वार्ता हुई। उनकी जो मांग है, वह पूरी हो जाएगी। इस्तीफे के सवाल पर उमेश शर्मा ने कहा कि हरक ने किसको इस्तीफा दिया है। कोई कागज है तो दिखाओ। केवल मेडिकल कॉलेज पर नाराजगी थी जो मांग अब पूरी हो रही है। सोमवार को उसका शासनादेश भी मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सभी भारतीय जनता पार्टी के सच्चे सिपाही हैं।