उत्तराखंड कांग्रेस में बदले समीकरण और चुनावी राजनीति में मंत्री हरक सिंह रावत की कुर्सी बचना बहुत मुश्किल है। इस मामले में दिल्ली पुलिस मंत्री हरक सिंह रावत से जल्द ही पूछताछ करेगी।
यूं तो मुख्यमंत्री हरीश रावत अभी इस मुद्दे पर पूरी तरह से साइलेंट मोड में हैं लेकिन मंत्री के खिलाफ दिल्ली में खिलाफ हुई एफआईआर की कॉपी मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गई है।
आलाकमान ने की सीएम से बात
इस मुद्दे पर आलाकमान ने भी मुख्यमंत्री हरीश रावत से बात की है। मुख्यमंत्री दो दिन बाद बातचीत के लिए दिल्ली भी जा सकते हैं।
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मंत्री पर लगे आरोप को लेकर विरोधी सरकार पर भी निशाना साध रहे हैं। ऐसे में हरीश रावत का बहुत समय तक खामोश रहना उन्हें भी मुश्किलों में डालेगा। हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री तटस्थ भूमिका में हैं।
पार्टी ले सकती है सख्त फैसला
चूंकि प्रदेश में पंचायत और फिर लोकसभा चुनाव होने हैं इसलिए पार्टी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहेगी। वहीं मुख्यमंत्री हरीश रावत के लिए हरक सिंह पर कोई फैसला लेना आसान नहीं दिखता।
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सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि कांग्रेस आलाकमान ही इस पर कोई फैसला ले। बताते हैं कि प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी और वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने इस मामले में मुख्यमंत्री वार्ता की है।
वहीं मंत्री हरक सिंह रावत ने भी कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्रियों से बात कर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस प्रकरण की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को देने की बात भी कही है।