उत्तराखंड जलसंस्थान की बकाएदारों की सूची में आम आदमी ही नहीं, बल्कि मंत्री परिवार से लेकर सरकारी विभाग भी शामिल हैं।
बकाया वसूलने के सख्त निर्देश
बकाएदारों पर कार्रवाई करते हुए जलसंस्थान ने आरसी काटने के साथ ही प्रशासन को नगर क्षेत्र के 89 कर्जदारों की सूची सौंप दी है। वहीं जिलाधिकारी ने तहसीलदार को बकाया वसूलने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव की ओर से दिए गए आदेशों का पालन करते हुए तहसीलदार अबरार हुसैन ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार जलसंस्थान के बकाएदारों की सूची में काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के पिता नारायण सिंह, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धन सिंह रावत और स्वयं तहसील प्रशासन भी शामिल है।
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बकायेदार नारायण सिंह रावत के श्रीकोट स्थित होटल के कनेक्शन का बिल 21181 रुपए है। नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने पर विभाग ने आरसी काट दी है। आरसी कटने के बाद भी उन्होंने मात्र सा हजार सात सौ रुपए जमा किए हैं।
धन सिंह पर बकाया 20 हजार
इसी तरह, श्रीनगर स्थित एबीवीपी कार्यालय में पानी का कनेक्शन भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धन सिंह रावत के नाम है, जिसका बिल 20 हजार 344 रुपए है। बिल अदा नहीं करने पर उनकी आरसी काटी गई है।
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वहीं तहसीलदार के नाम पर 13 हजार 547 रुपए, पटवारी चौकी ग्लास हाउस पर छह हजार 516, पटवारी चौकी भक्तियाना पर छह हजार 571 रुपए, जल विद्युत परियोजना ट्रांजिट कैंप के अधिशासी अभियंता के नाम पर दो लाख 477, सिंचाई निर्माण खंड पर तीन लाख 88 हजार 826, सिंचाई विभाग पर 46 हजार 170 रुपए बकाया है।
बकाया जमा करने के बाद कटी आरसी
ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग निवासी सुशीला बहुगुणा के पति मुरलीधर बहुगुणा का निधन चार वर्ष पूर्व हो चुका है। कनेक्शन पत्नी के नाम होने के बावजूद जल संस्थान ने स्व. मुरलीधर बहुगुणा के नाम आरसी काटी है।
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इतना ही नहीं, आरसी कटने से एक माह पूर्व यह परिवार पांच हजार रुपए जमा कर चुका है, लेकिन बकाए बिल में पांच हजार रुपए कम नहीं किए गए हैं। इसी तरह, कैलाश उनियाल की ओर से भी बकाया जमा करने के बावजूद उनकी आरसी काटी गई है।
जिलाधिकारी के आदेश पर सभी कर्जदारों से बकाया वसूल किया जाएगा। जिन विभागों पर अधिक की देनदारी है, उनके खाते भी सील किए जाएंगे।
- अबरार हुसैन, तहसीलदार श्रीनगर
वित्तीय वर्ष 2013 में पांच हजार से अधिक बिल वाले उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए थे, जिन्होंने नोटिस के बावजूद बिल जमा नहीं किया या ऑब्जेक्शन नहीं किया, उनके नाम आरसी काटी गई है। इसकी सूची प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है।
- प्रवीण सैनी, सहायक अभियंता जल संस्थान