शिक्षक से उत्तराखंड कृषि विभाग में डेपुटेशन पर सहायक निदेशक बने शिक्षक निलंबन के बाद अब बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है।
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मास्साब से लाटसाहब बनने चले यशवंत बर्त्वाल को फिलहाल संबंधित ब्लॉक से अटैच किया जा रहा है। जांच के बाद दोहरी नौकरी पर उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा सकती है। अमर उजाला ने तीन दिसंबर को इस मामले का खुलासा किया था।
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कृषि मंत्री हरक सिंह रावत अपने बहनाई को विभाग में सहायक निदेशक और फिर डिप्टी डायरेक्टर बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर आनन-फानन में बहनोई के बायोडाटा पर शासन से प्रस्ताव मांग लिया था।
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कृषि मंत्री चाहते थे कि एक झटके में वह बर्त्वाल को सहायक निदेशक बना दें। कृषि मंत्री मामले को हल्के में ले रहे थे। बिना एनओसी दोहरी नौकरी को शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
शिक्षा मंत्री ने दिए थे निलंबन के आदेश
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने 26 दिसंबर को बर्त्वाल के निलंबन के आदेश कर दिए थे। इससे पूर्व विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए बर्त्वाल का वेतन रोक दिया गया था। बर्त्वाल के खिलाफ लगातार कार्रवाई कृषि मंत्री के लिए बड़ा झटका है।
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शिक्षा मंत्री ने पूर्व में ही बर्त्वाल के निलंबन के आदेश कर दिए थे, लेकिन इस बीच मैं छुट्टी पर थी, आज छुट्टी से लौटी हूं। बर्त्वाल के विधिवत निलंबन के आदेश कर दिए गए हैं, शिक्षक को संबंधित ब्लॉक में अटैच किया जाएगा।
- राधिका झा, शिक्षा महानिदेशक
अमर उजाला ने किया था खुलासा
कृषि मंत्री के रिश्तेदार की गड़बड़ी का अमर उजाला द्वारा खुलासा किए जाने के बाद जहां शासन प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया था वहीं इस मामले में कर्मचारी संगठन ने कोर्ट में रिट दाखिल कर दी थी। कोर्ट ने मंत्री के रिश्तेदार की प्रतिनियुक्ति पर रोक लगा रखी है।