नाबालिग लड़की को अगवाकर दुराचार करके जहर देने और उसकी नानी को कार से कुचलने के दोषी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।
दोषी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। एडीजे धनंजय चतुर्वेदी की कोर्ट ने 29 अक्तूबर को मोहल्ला टोली मंगलौर निवासी वाजिद पुत्र जाबिद को दोषी करार दिया था।
साढ़े आठ माह के अंदर ही निर्णय
सजा के लिए 31 अक्तूबर की तिथि मुकर्रर की गई थी। घटना के करीब साढ़े आठ माह के अंदर ही मामले का निर्णय आ गया। फैसले को पुष्टि के लिए र्हाईकोर्ट भेजा जाएगा। दोषी को मामले में अपील करने का भी अधिकार होगा।
गाड़ी से कुचलकर मार डाला
शासकीय अधिवक्ता भूपेश्वर ठकराल के मुताबिक 19 फरवरी 2013 को अगवा की गई नाबालिग लड़की की मां ने कोतवाली मंगलौर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 18 फरवरी की रात डेढ़ बजे वाजिद उसके घर में घुसकर जबरन उसकी नाबालिग पुत्री को साथ ले गया। लड़की की नानी ने विरोध किया तो वाजिद ने उसे गाड़ी से कुचलकर मार डाला।
जहरीला पदार्थ पिला दिया
करीब दो घंटे बाद पीड़िता अपने घर लौटी और उसने अपनी मां को दुराचार किए जाने की बात बताई। साथ ही बताया कि वाजिद ने उसे जहरीला पदार्थ पिला दिया है। पीड़िता के मुंह से झाग निकल रहा थे। उपचार के दौरान लड़की की मौत हो गई थी।
पुलिस ने उसी दिन वाजिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को जब एडीजे धनंजय चतुर्वेदी ने वाजिद को मृत्युदंड की सजा सुनाई तो उसने अपना चेहरा हाथों से छिपा रखा था।
वादिनी को मिलेंगे 40 हजार
कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि में से 40 हजार रुपए वादिनी को दिए जाने का आदेश दिया है। जबकि बाकी की दस हजार रुपए की धनराशि राजकोष में जमा कराई जाएगी।