रीढ़ की हड्डी टूटने से चार माह से बिस्तर पर लेटे उत्तरकाशी के मंज गांव के राकेश लाल और कलीगांव के पांच वर्षीय गौरव के परिजन भी मुख्यमंत्री के क्षेत्र में होने की सूचना मिलते ही समारोह स्थल पहुंच गए।
सीएम से आर्थिक मदद की उम्मीद लगाए राकेश के परिजनों ने उसे चारपाई के सहारे मेला स्थल तक पहुंचाया। पांच साल के जन्मांध बेटे गौरव को गोदी पर लिए गौरव के पिता भगत सिंह भी मंच पर बैठे सीएम को निहारते रहे। बाद में मुख्यमंत्री ने दोनों को आर्थिक मदद का भरोसा दिया।
मनरेगा में काम करते वक्त लगी चोट
ब्रह्मखाल के मंजगांव निवासी राकेश लाल (25) की 14 नवंबर 2014 को मनरेगा का काम करते समय पत्थर की चपेट में आने से रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। मजदूरी कर दो बच्चों और पत्नी का भरण-पोषण करने वाले राकेश ने देहरादून में किसी तरह अपना उपचार तो कराया, लेकिन बिस्तर से अभी तक खड़ा नहीं हो पाया।
इस बीच राकेश ने सीएम को पत्र भेजकर आर्थिक सहायता की गुहार लगाई, लेकिन मदद नहीं मिली। मंगलवार परिजन 50 किमी दूर मंजगांव से उसे डुंडा मेले में ले आए। यहां से सड़क से मेला स्थल तक उसे चारपाई से पहुंचाया गया।
पांच वर्षीय गौरव भी मिला
ऐसी ही स्थिति कलीगांव के पांच वर्षीय गौरव की भी है। गौरव जमांध है। मजदूरी कर चार बच्चों का पालन-पोषण कर रहे पिता भरत सिंह उसे सीएम से मिलाने के लिए मेले में ले आए।
उन्होंने सीएम से बच्चे की पेंशन लगाने या उसके भरण पोषण का खर्चा देने की गुहार लगाई। मेले से लौटते वक्त सीएम ने राकेश और गौरव से मुलाकात की और आर्थिक सहायता का भरोसा दिया।