अस्थायी जेल में 90 से अधिक संदिग्धों को डाला
पुलिस ने उपद्रवियों को चिह्नित करने की कार्रवाई में पूरी ताकत झोंक दी है। हल्द्वानी हिंसा में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए 90 से अधिक संदिग्धों को पुलिस ने गौलापार में बनाई अस्थायी जेल में डाला है। पुलिस इन सभी के चेहरे सीसीटीवी फुटेज, फोटो, वीडियो से मिला रही है। इसके साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस लगातार उपद्रवियों की पहचान में जुटी है। उपद्रवियों को हिरासत में लेने का सिलसिला जारी है। रविवार को 30 लोगों को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। उधर दोबारा दबिश देकर 30 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने इन्हें रखने के लिए गौलापार कुंवरपुर के एक स्कूल में एक अस्थायी जेल बनाई है। इस जेल में 90 से अधिक लोगों को रखा गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई उपद्रवियों ने पुलिस को कुछ साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। पुलिस इन उपद्रवियों का लिंक तलाश कर रही है। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि 12 टीमें लगातार धरपकड़ कर रही हैं। जल्द ही उपद्रवियों और मास्टरमाइंड को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी।
कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
हल्द्वानी। पुलिस कॉल डिटेल और संदिग्धों के मोबाइल को खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल से 150 से अधिक फोटो, वीडियो पुलिस ने कब्जे में लिए है। गिरफ्तार आरोपियों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस को कुछ मोबाइल फोन में बरेली, यूपी में रहने वाले लोगों के नंबर भी मिले हैं। इन नंबरों से हिंसा से पहले और बाद में लगातार बात हो रही थी।
नो एंट्री में चाय बांटने भेज दिए मासूम बच्चे
तिकोनिया चौराहे से नैनीताल रोड होते हुए तीनपानी से गौला बाईपास रोड तक कर्फ्यू लगा है। यहां पूरी तरह से जीरो जोन बनाया गया है। बनभूलपुरा को जाने वाले रास्ते को ताज चौराहे के पास बेरिकेड डालकर बंद कर दिया गया है। ताज चौराहे पर ही सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। रविवार की दोपहर करीब 1:45 बजे बाजार क्षेत्र के चार-पांच बच्चे चाय लेकर बेरिकेड के पास पहुंचे। वहां से सीधे बनभूलपुरा थाने को जाने वाली सड़क पर जाने लगे। इस दौरान न तो किसीने उन्हें रोका और ना ही वापस भेजने की जहमत उठाई।
परिवार को रोका, कागज देखे
दोपहर करीब दो बजे बाजार की ओर से एक स्कूटी में एक बुजुर्ग दंपती बनभूलपुरा की ओर आए। बेरिकेड पर पुलिस ने उनको रोक दिया और कागज जांचने लगे। इस पर दंपती ने दवाई लाने का पर्चा पुलिस को दिखाया। इसके बाद उनको वहां से जाने दिया गया।
अंदर से आ रहीं महिलाओं को वापस भेजा
दोपहर में बुर्का पहने हुए महिलाएं बनभूलपुरा थाने के सामने से होते हुए बाजार की ओर आने लगी थी। उनके हाथ में अस्पताल का पर्चा भी नजर आ रहा था, मगर थाने से कुछ आगे आते ही एक पुलिसकर्मी ने उनको रोक दिया। उनका कागज देखा। इस दौरान महिलाएं मिन्नतें करती हुई नजर आईं मगर इसके बाद महिलाओं को वहां से वापस भेज दिया गया।