जुलाई में नियमावली को दी कैबिनेट ने मंजूरी
बता दें कि देहरादून जिले में 40 से ज्यादा नशा मुक्ति केंद्र हैं। इनमें इस तरह की प्रताड़नाओं और घटनाओं के किस्सों के बाद नियमों की बात उठने लगी तो सरकार भी हरकत में आई। गत जुलाई 2023 में कैबिनेट ने मानसिक स्वास्थ्य नियमावली को मंजूरी दी थी। इसके तहत नशा मुक्ति केंद्र रोगी को कमरे में बंधक बना कर नहीं रख सकते हैं। चिकित्सीय परामर्श पर नशा मुक्ति केंद्रों में मरीज को रखा और डिस्चार्ज किया जाएगा। केंद्र में फीस, ठहरने, खाने का मेन्यू प्रदर्शित करना होगा। मरीजों के इलाज के लिए मनोचिकित्सक, चिकित्सक रखना होगा। केंद्र में रोगियों के लिए खुली जगह होनी चाहिए। जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड के माध्यम से इनकी निगरानी की जाएगी। मानसिक रोगी को परिजनों से बात करने के लिए फोन की सुविधा दी जाएगी। कमरों में एक बेड से दूसरे बेड की दूरी भी निर्धारित की गई है।