भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री का कहना है कि नारसन बॉर्डर से प्राइवेट बसें बेरोकटोक जिले में प्रवेश कर रही हैं। बसों में कोरोना नियमों की अनदेखी की जा रही है। बावजूद इसके पुलिस निजी बसों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बॉर्डर पर स्थानीय लोगों को रोक रही है, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
बॉर्डर सील, वापस लौटाए सैकड़ों वाहन
खानपुर में पुलिस ने शनिवार से यूपी की सीमा से सटे क्षेत्र के सभी बॉर्डरों को सील कर दिया। पुलिस ने दिनभर सैकड़ों वाहनों को बॉर्डर से वापस कर दिया। कांवड़ मेले पर रोक लगने के बाद पुलिस ने क्षेत्र के बॉर्डर पर रात से कड़ा पहरा लगा दिया था। प्रदेश में आने वाले वाहनों की सुबह से ही बॉर्डर पर कतार लग गई थी।
खानपुर एसओ अभिनव शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के खानपुर पुरकाजी बॉर्डर, सिकंदरपुर पुरकाजी बॉर्डर, दल्लावाला मोरना बॉर्डर और बालावाली मंडावर बॉर्डर पर कड़ा पहरा लगाया गया है ताकि कोई भी कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार न आए। उन्होंने बताया कि बॉर्डर से ही वाहनों को लौटाया जा रहा है। जरूरी पास और मेडिकल सेवाओं के लिए प्रवेश दिया जा रहा है।
बॉर्डर पर बढ़ी सुरक्षा, बिना जांच के प्रवेश नहीं
भगवानपुर क्षेत्र में बॉर्डर पर पुलिस की ओर से सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस बॉर्डर पर वाहनों की गहनता से चेकिंग कर रही है। साथ ही 72 घंटे की नेगेटिव कोरोना आरटीपीसीआर के बिना किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। शनिवार की सुबह से ही मंडावर और काली नदी चेकपोस्ट पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की कतार लग गई। इस पर पुलिस ने सभी वाहनों में लोगों की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट देखी। कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं होने पर बॉर्डर से ही वापस लौटा दिया गया।