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Dehradun News: बेहद सीमित संसाधनो के सहारे शिक्षा हासिल कर रही बेटियां

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महिला शिक्षा को लेकर सरकारों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे विकासनगर ब्लॉक में एक भी सरकारी गर्ल्स स्कूल नहीं है। हालांकि क्षेत्र की बेटियां खेलकूद से लेकर पढ़ाई से संबंधित हर एक क्षेत्र में आगे रही हैं।
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विकासनगर ब्लॉक में कुल 53 ग्राम पंचायत व दो नगरीय क्षेत्र हैं। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ब्लॉक में नौ हाईस्कूल व 14 इंटर कॉलेज हैं, जिनमें 3355 छात्राएं शिक्षा हासिल कर रही हैं। इसके अलावा 18 निजी विद्यालयों में भी भारी संख्या में बालिकाएं पढ़ाई कर रही हैं। बात गर्ल्स कॉलेज की हो तो क्षेत्र में मात्र एक कन्या इंटर कॉलेज है, वह भी प्राइवेट है। सरकारी आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि उत्तर प्रदेश का हिस्सा रहने से लेकर उत्तराखंड में आ जाने के बाद किसी भी सरकार ने क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा के मामले में गंभीरता से विचार नहीं किया। यहां यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि क्षेत्र की बेटियों ने खेलकूद की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से लेकर शिक्षा, रेलवे, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य व राजनीति आदि के क्षेत्र में समय-समय पर नाम रोशन किया है।
बुद्घुमल जैन व चंपा जैन ने की थी शुरूआत
1949 में नगर के व्यापारी बुद्घुमल जैन ने अटठाईस फिटा रोड के पास एक बालिका विद्यालय की शुरूआत की। उनके प्रयासों को अमली जामा पहनाते हुए चंपा देवी जैन ने 1961 में अपना घर बनाने के लिए खरीदी गई जमीन पर गर्ल्स कॉलेज बनाने का काम शुरू कर दिया जो 1972 में जैन कन्या इंटर कॉलेज बना। चंपा देवी जैन के पौत्र व विद्यालय के ट्रस्टी संजय जैन ने बताया कि वर्तमान में 800 बेटियां शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
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आधुनिक व तकनीकि शिक्षा का अभाव
आमतौर पर जिन विद्यालयों में क्षेत्र की अधिकतर बेटियां शिक्षा हासिल कर रही हैं उनमें संसाधनों की कमी व सीमित विषयों की बाध्यता उनकी प्रतिभा के मार्ग में बाधा हैं। मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष विपुल जैन, शिक्षक व समाज सेवी अतुल शर्मा, सामाजिक संस्था वारियर गर्ल्स फाउंडेशन की अध्यक्ष रेहाना सिद्दीकी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की नाजमा का कहना है कि बालिका शिक्षा को लेकर सरकारों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। इसके अलावा आधुनिक व तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था करके बेटियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
लगभग अधिकतर विद्यालयों में महिला शिक्षक व अन्य स्टाफ मौजूद है, जिसके चलते छात्राओं को किसी प्रकार की समस्या नहीं है। इसके अलावा अभी तक किसी स्तर से इस प्रकार की मांग सामने नहीं आई है। यदि भविष्य में कोई ऐसी मांग होती है तो गर्ल्स कॉलेज के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। - वीपी सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, विकासनगर
बालिका शिक्षा को लेकर भाजपा की सरकार का रुख स्पष्ट है। बेटी पढ़ाओ का नारा भी भाजपा ने ही दिया है। विकासनगर में बालिका शिक्षा के लिए संसाधन जुटाने में विधायक, जिला पंचायत व ब्लॉक के स्तर से जो भी हो सकेगा कार्रवाई की जाएगी। - जसविंदर सिंह, ब्लॉक प्रमुख, विकासनगर
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