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मैरिज हॉल में गुलदार को देखने उमड़ी 'बारात'

Tue, 29 Jul 2014 01:02 PM IST
राकेश शर्मा, मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में प्रेमनगर स्पेशल विंग स्थित वेडिंग प्वाइंट में गुलदार के घुसने की खबर से वन कर्मी और पुलिस भले सुरक्षा के लिए चिंतित रही, लेकिन क्षेत्र के युवाओं के लिए यह मौका एडवेंचर से कम नहीं रहा।
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‘भाईजान, खुदा का करम रहा। हम तो सुबह से वेडिंग प्वाइंट के भीतर थे। मैं और मेरे साथी दिनभर वेडिंग प्वाइंट के हाल में इधर से उधर घूमते रहे।

कभी तार बिछाने थे, कभी कुर्सियां लगानी थी। कभी स्पीकर लगाने थे तो कभी कुछ और करना था। हमें जरा भी इल्म नहीं था कि जिस हाल में हम बेफिक्र टहल रहे हैं, वहां गुलदार है।’

यह कहना है वेडिंग प्वाइंट में काम कर रहे डीजे संचालक नदीम कुरैशी का। नदीम और उनके साथी वेडिंग प्वाइंट में सुबह से थे, लेकिन प्रिंसिपल पर हमला होने से पहले तक उनका सामना गुलदार से नहीं हुआ।
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कुदरत का करम रहा कि हम बच निकले

नदीम ने बताया कि वेडिंग प्वाइंट और हॉल का गेट खुला था। वे और साथी दिनभर दर्जनों बार सामान लाने के लिए भीतर-बाहर गए।

डीजे सिस्टम, स्पीकर आदि लगाने के लिए कई बार पूरे हाल में एक छोर से दूसरे छोर तक घूमे, लेकिन गुलदार से सामना नहीं हुआ। नदीम के मुताबिक जिस हॉल में गुलदार छिपा है, वह एल (L) आकार का है।

हाल के एक हिस्से में लोगों के बैठने के लिए सोफे और कुर्सियां बिछी हैं, तो दूसरी ओर खाने के टेबल लगे हैं। ऐसे में गुलदार की सही लोकेशन मालूम करने में दिक्कत हो सकती है।

नदीम याद करते हैं कि शाम को वह महर्षि विद्या मंदिर की प्रिंसिपल किरण जोशी को तैयारियां दिखाने हॉल में लेकर आए। बताया कि ‘हमने हॉल में कदम रखा ही था कि गुलदार सामने आ गया।

कुछ समझ पाते, इससे पहले उसने प्रिंसिपल साहिबा पर हमला कर दिया। मैंने और साथी ने प्रिंसिपल को तेजी से पीछे की ओर खींचा और सभी भागकर बाहर की ओर निकले।’ उस पल सांसें अटक गई थीं, लेकिन कुदरत का करम रहा कि हम बच निकले।

..तो गुलदार बरपा देता कहर

गनीमत रही कि गुलदार आबादी की ओर जाने के बजाय बेहद कम लोगों की आवाजाही वाले वेडिंग प्वाइंट में घुसा।

माना जा रहा है कि गुलदार रविवार रात को सड़क पर गुजरते वक्त किसी वाहन के आने के बाद वेडिंग प्वाइंट में चला गया होगा। वेडिंग प्वाइंट का हॉल और मेन गेट रविवार रात खुला हुआ था।

लेकिन गुलदार सोमवार सुबह यहां से निकल नहीं सका। अगर गुलदार आबादी की ओर गया होता तो आबादी से उसका सामना तय था।

स्थानीय निवासी तुलसीराम का कहना है कि सुबह से लेकर रात तक सड़क पर लोगों की आवाजाही रहती है। लोग खुले दरवाजे छोड़ बाहर बैठे रहते है। ऐसे में गुलदार इंसानी जिदंगी के साथ खेल सकता था।

खाट बिछाकर बोले, गुलदार देखकर जाएंगे

स्पेशल विंग के वेडिंग प्वाइंट के बाहर सोमवार रात मेले जैसा माहौल था। सैकड़ों लोग गुलदार के दीदार के लिए जुटे थे।

बेकाबू होती भीड़ ने पुलिस की पेशानी पर बल डाले तो वेडिंग प्वाइंट के मुख्य गेट पर ताले जड़ दिए गए। इसके बाद लोग आसपास के घरों की छतों पर जम गए। वेडिंग प्वाइंट के बाहर कुर्सियां और खाट बिछा दी गईं।

गुलदार से जुड़े किस्से-कहानियों का दौर चलने लगा। रतजगा करने के लिए तैयार लोगों का कहना था कि अब गुलदार का दीदार करने के बाद ही जाएंगे।

सोमवार रात प्रेमनगर की स्पेशल विंग गली में पैर रखने की जगह नहीं थी। हर घर खाली था। परिवार सड़क पर थे। देर रात तक किसी ने गुलदार देखा नहीं था, लेकिन सबकी जुबान पर अफवाहें थीं।

कोई दावा कर रहा था कि उसने गुलदार को छलांग लगाकर वेडिंग प्वाइंट में जाते देखा तो कोई इसे बड़ी बिल्ली के जैसा बता रहा था। उम्रदराज सयाने खाटों पर बैठ बीड़ी के कश खींचते हुए चारों ओर जमा युवाओं को गुलदार से जुड़े अनुभव सुना रहे थे।
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युवाओं के लिए पिकनिक जैसा माहौल

महिलाओं को चिंता थी कि गुलदार इसी तरह घुसता रहा तो बच्चों का क्या होगा? युवाओं के लिए पिकनिक जैसा माहौल था। नौनिहालों की आंखों में उत्सुकता थी।

लेकिन वनकर्मियों और पुलिस की पेशानी पर बल थे। गुलदार के दीदार में डोलते लोगों को देख एक वन कर्मचारी अपने साथी से बोला, ‘इन्हें मौज आ रही है और हमारी जान सूखी हुई है।’ लोग वेडिंग प्वाइंट की खिड़कियों से झांक रहे थे।

कुछ ने भीतर जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोका। बाद में मेन गेट भीतर से लॉक कर दिया गया। चाबी मोहल्ले के एक युवक को दे दी गई। इसके बाद तो इस युवक की पूछ होने लगी।

हर कोई गुहार लगाता, ‘भाई एक बार खोल दे, गुलदार दिखा दे।’ युवक मुस्कुराता और साथ चल रहे दोस्त से पुलिस का आभार जताने के अंदाज में कहता, ‘कल तक तो कोई पूछता नहीं था।

आज पुलिस ने चाबी मुझे दे दी तो सब प्रार्थना करने लगे हैं।’ देर रात तक गली के घरों में लोग परिवार समेत जुटे रहे। रात करीब साढ़े 11 बजे जब वेडिंग प्वाइंट में गुलदार नहीं होने की घोषणा की गई तो कई युवा मायूस नजर आए।
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