सुमाड़ी भरदार के निकट सेमा गांव में पसरा सन्नाटा और लोगों के मायूस चेहरे साकनीधार बस हादसे का शिकार हुए देवेंद्र सिंह की असमय मौत की कहानी बयां कर रहे हैं।
देवेंद्र की दादी पित्री देवी उसकी मौत की खबर सुनते ही चल बसी। सूर्यप्रयाग घाट पर दादी और पोते की चिता एक साथ जली।
दादी और पोते की एक साथ जलती चिता देख सबकी आंखे नम थीं।