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इलाज के नाम पर करता था नशे का सौदा, अब केस वापस लेगी सरकार

Thu, 30 Jun 2016 02:41 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • ऋषिकेश में नारकोटिक्स एक्ट और धोखाधड़ी के दर्ज हैं मामले
  • दो साल जेल की हवा भी खा चुका है मामले का मुख्य आरोपी
  • प्रमुख सचिव न्याय से विधिक राय देने के लिए भेजी गई फाइल
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डॉ. आरके गुप्ता
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विस्तार
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मिर्गी रोग के शर्तिया इलाज का दावा करके रोगियों को नशीली दवाएं बेचने व खिलाने वाले चर्चित डॉ. आरके गुप्ता पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की तैयारी है। गृह विभाग की ओर से इस बाबत फाइल चलाई गई है, जिस पर अभी न्याय विभाग से विधिक परामर्श मांगा गया है।
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फिलहाल तो मुकदमे की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। मगर अचानक इस चर्चित मामले में दर्ज मुकदमे की वापसी की तैयारियों से पूरे महकमे में खलबली मची हुई है।

आयुर्वेदिक दवाइयों के नाम पर मिर्गी रोगियों को नशीली दवाइयां बेचने के आरोप में तीन अगस्त 2004 में ऋषिकेश स्थित नीरज क्लीनिक पर राज्य ड्रग कंट्रोलर और प्रशासनिक अफसरों ने छापेमारी की थी। मौके पर छानबीन में पाया गया कि एलोपैथिक दवाइयों में प्रतिबंधित साइकोथैरेपिक दवाइयां फिम्सोबार, इपिलॉन, क्लोरोडाई और फिनोबारबिटॉन आदि का मिश्रण बेचा जा रहा था।

बरामद हुई थी बड़ी मात्रा में ड्रग्स

ड्रग्स - फोटो : प्रतीकात्मक
मौके से बड़ी तादाद में पाई गई इन दवाइयों को सीज करने के साथ ही डॉ. आरके गुप्ता के विरुद्ध ऋषिकेश कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट एवं धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने इन आरोपों के आधार पर डॉ. गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए तमाम स्थानों पर छापेमारी की, मगर सफलता नहीं मिली।

इसके बाद उसे फरार घोषित कर दिया गया और 11 दिन बाद उसे क्लेमेंटटाउन क्षेत्र से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

डाक्टर की गिरफ्तारी के बाद देश भर से तमाम शिकायतें पुलिस अफसरों को मिलीं। करीब 27 महीने जेल में रहने के बाद उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। फिलहाल मुकदमे की सुनवाई कोर्ट में चल रही है।
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केस वापस लेने पर उठे सवाल

दवाइयां - फोटो : Demo Pic.
इधर, डॉ. गुप्ता ने जोड़तोड़ करके अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की अर्जी मुख्यमंत्री कार्यालय में दी। यहां से मामला गृह विभाग को भेजा गया, जहां पुलिस और प्रशासन से रिपोर्ट मंगाई गई।

खबर है कि काफी दबाव के चलते रिपोर्ट आनन-फानन में गृह विभाग को मिल गई है, जिसे ऊपर बढ़ा दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में डॉ. गुप्ता के पक्ष में फैसला लेने की तैयारी हो चुकी है।

डॉ. आरके गुप्ता के विरुद्ध तमाम आरोपों में दर्ज मुकदमे की वापसी के संबंध में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों की रिपोर्ट मंगाई गई थी। रिपोर्ट आने के बाद इसे ऊपर भेजा गया है। अभी आगे की कार्रवाई के कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
- विनोद शर्मा, सचिव (गृह)
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