अशासकीय स्कूलों की अनदेखी
उत्तराखंड प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय महामंत्री अवधेश कुमार कौशिक के मुताबिक सरकारी स्कूलों के कक्षा एक से 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें दी जा रही हैं, लेकिन अशासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को केवल कक्षा एक से आठवीं तक के छात्रों को मुफ्त किताबें दी जा रही हैं, जबकि 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को किताबें नहीं दी जा रही हैं।
मुफ्त किताबों की शिक्षा महानिदेशक लगातार समीक्षा कर रहे हैं। प्रयास किया जा रहा है कि स्कूल खुलते ही सभी छात्र-छात्राओं तक किताबें पहुंच चुकी हों। -आरके कुंवर, शिक्षा महानिदेशक
चंपावत: तीन प्रतिशत छात्रों को बंटनी हैं नि:शुल्क किताबें
चंपावत जिले में 97 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राओं को निशुल्क पुस्तकें बंट गईं हैं। सीईओ जितेंद्र सक्सेना का कहना है कि बेसिक और माध्यमिक कक्षाओं की विभिन्न विषयों की 2.45 लाख पुस्तकों का वितरण किया जा चुका है, लेकिन इस शिक्षा सत्र में नए प्रवेशार्थियों सहित कुछ छात्रों को अभी पुस्तकें नहीं दी जा सकी हैं। बेसिक में 1414, माध्यमिक में 2949 किताबों की मांग की गई है। छह जुलाई को स्कूल खुलने के एक हफ्ते के भीतर पुस्तकें पहुंच जाएंगी।
अल्मोड़ा: स्कूलों में बच्चों को किताबें बांटने का दावा
अल्मोड़ा जिले के सरकारी, सहायता प्राप्त, अशासकीय स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं के छात्र-छात्राओं को समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत मुफ्त किताबें पहुंचा दी गई हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र भट्ट ने बताया कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही स्कूलों में छात्र-छात्राओं को पुस्तकों का वितरण शुरू कर दिया था। जिले के सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं को पुस्तकें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जिले में किताबें न मिलने की किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं है।
पिथौरागढ़: 99 फीसदी किताबें बंटी
पिथौरागढ़ जिले के सभी सरकारी स्कूलों 99 फीसदी किताबें बांटी जा चुकी हैं। डीईओ माध्यमिक हवलदार प्रसाद ने बताया कि जिले में 4.38 लाख किताबें बांटी जानी थी जिसमें प्राथमिक स्तर पर 2.40 और बेसिक की 1.98 लाख किताबें बांटी जानी हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्कूल बंद हैं। शिक्षकों को किताबें सीआरसी के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बची हुई एक फीसदी किताबें ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी वितरित करने का प्रयास रहेगा।
हरिद्वार: साढ़े छह हजार बच्चों को नहीं मिली किताबें
हरिद्वार में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगभग एक लाख 55 हजार है, लेकिन जनपद के लगभग साढ़े छह हजार बच्चों को किताबें नहीं मिल सकी हैं। इसकी वजह से अप्रैल से शुरू हुए सत्र में ये बच्चे पहले ही बिना किताबों के स्कूल गए। वहीं, अब छह जुलाई से खुलने वाले स्कूलों के लिए भी किताबें मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) एसपी सेमवाल ने बताया कि स्कूलवार किताबों की डिमांड समस्त सीआरसी से मांगी गई है। जो आजकल में ही आ जाएगी। किताबों के लिए मांग पत्र शासन को भेज दिया जाएगा।
2500 छात्र-छात्राओं को है किताबों का इंतजार
टिहरी जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा नौ से लेकर 12 वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए गृह विज्ञान, चित्रकला और कृषि विषय की किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई है। कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के लगभग 2500 छात्र-छात्राओं को किसी भी विषय की किताबें नहीं मिल पाई है। मई माह में स्कूलों में आधी-अधूरी पाठ्य सामग्री ही छात्र-छात्राओं को वितरित की गई। जिले में नौ वीं कक्षा से लेकर 12 वीं तक लगभग 50,848 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कक्षा एक से लेकर आठवीं तक लगभग 34,500 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला ने बताया कि डिमांड भेजी गई है। 15-20 दिन के अंतर्गत सभी विषयों की किताबें स्कूलों में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले में वितरित हुई 5 लाख 90 हजार पुस्तकें
जनपद पौड़ी में कक्षा एक से 12वीं तक 5.91 लाख पुस्तकों का वितरण हो चुका है, जिनमें माध्यमिक में 3.17 लाख और बेसिक में 2.73 लाख पुस्तकें शामिल हैं। जनपद पौड़ी में 1417 प्राथमिक, 255 जूनियर और 302 माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें 61 हजार 450 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। छात्रों का ये आंकड़ा 31 मई 2022 तक का है। माध्यमिक शिक्षा में पुस्तक वितरण के नोडल अधिकारी डा. प्रमोद नौडियाल ने बताया कि जिले में कक्षा 9 से 12वीं तक के अध्ययरत 23,618 छात्रों के लिए 3.93 लाख पुस्तकें मिली थीं, जिनमें 2.81 लाख पुस्तकें पौड़ी जिले में वितरित की गई हैं। शेष किताबें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और चमोली को भेजी गई हैं। शेष 73030 किताबें हैं जबकि डिमांड 2950 की है। बेसिक शिक्षा के नोडल अधिकारी भारत भूषण परमार ने बताया कि कक्षा एक से 8वीं तक के 37832 छात्रों के लिए 2.91 लाख विभाग को मिली थी, जिनमें से 2.73 लाख पुस्तकें वितरित कर ली गई हैं। शेष 7415 पुस्तकें हैं, जिन्हें नए प्रवेश लेने वाले बच्चों में जुलाई माह में वितरित किया जाएगा।
सभी स्कूलों में 100 फीसदी वितरित की जा चुकी हैं पुस्तकें
देहरादून जिले के सभी सरकारी स्कूलों में 100 फीसदी पुस्तकें वितरित की जा चुकी हैं। शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले कक्षा एक से आठवीं तक के छात्रों को पुस्तकें वितरित की गई थीं। अन्य कक्षाओं के छात्रों को भी पुस्तकें वितरित की जा चुकी हैं। जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि इस साल स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने से कुछ विद्यार्थियों के पास किताबें नहीं पहुंची थी, उन्हें भी किताबें वितरित कर दी गई हैं।