देहरादून एक बड़े कॉलेज में बुलाई गई बैठक। मकसद विश्वविद्यालय की ओर से शुरू होने जा रहे नए सिस्टम को लागू करने की रणनीति पर विचार।
शुरुआती कुछ समय तो बैठक मुद्दे पर फोकस रही। इसके बाद गुरुजी अपनी-अपनी गाने लगते हैं। देखते ही देखते कई गुरुजी तो गायब और कई जबर्दस्ती उबासी लेते बैठे रहे।
कुछ पुराने गुरुजी ऐसे हैं, जिन्हें नया सिस्टम लागू करने से ज्यादा चिंता इस बात की है कि उन्हें कोई भाव नहीं देता है। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद नतीजा कुछ और ही सामने आया। नए सिस्टम को लेकर बैठक बुलाने वाले अधिकारी कड़वे घूंट पीकर चुपचाप निकल लिए। रोज की आदत जो है।