गोवा में प्रस्तावित नेशनल गेम्स एक बार फिर खटाई में पड़ सकते हैं। दरअसल, गोवा ने नेशनल गेम्स दो महीने तक टालने का आग्रह भारतीय ओलंपिक महासंघ से किया है। ओलंपिक महासंघ ने पांच सदस्यों की कमेटी गठित कर कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। अगर जांच में कारण सही नहीं मिले तो गोवा को दस करोड़ रुपये का जुर्माना ओलंपिक महासंघ को देना होगा।
36वें नेशनल गेम्स गोवा में 30 मार्च से 15 अप्रैल तक प्रस्तावित हैं। इस बीच गोवा के खेल और युवा मामलों के सचिव जे अशोक कुमार ने भारतीय ओलंपिक महासंघ को पत्र भेजकर कहा है कि फरवरी-मार्च में गोवा में दो विधानसभा सीटों पर चुनाव होना हैं। इसके बाद अप्रैल मई में लोकसभा चुनाव संभावित हैं। चुनाव के कारण उस समय आचार संहिता भी प्रभावी रहेगी। मार्च-अप्रैल में राज्य में बोर्ड परीक्षाएं भी संभावित हैं।
इसके चलते नेशनल गेम्स के लिए जरूरी वालंटियर भी नहीं मिलेंगे। इधर, पत्र मिलने के बाद ओलंपिक महासंघ ने पांच सदस्यों की टेक्निकल कमेटी बनाई है। मुकेश कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में एसएम बाली, धनराज चौधरी, दुष्यंत शर्मा और पीके श्रीवास्तव शामिल हैं। यह कमेटी गोवा जाकर कारणों की जांच करेगी। कमेटी अगर अपनी रिपोर्ट ओलंपिक महासंघ को सौंपेगी। जांच में अगर कारण सही मिले तो नेशनल गेम्स टल सकते हैं। अगर कमेटी की जांच में यह साबित हो गया जानबूझ कर खेल टाले जा रहे हैं तो गोवा पर दस करोड़ रुपये का जुर्माना लग सकता है।
राज्य में 2020 में होंगे नेशनल गेम्स
गोवा में प्रस्तावित खेलों के बाद 2020 में उत्तराखंड में नेशनल गेम्स प्रस्तावित है। उत्तराखंड में नेशनल गेम्स की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अगर गोवा में खेल टले तो राज्य में होने वाले नेशनल गेम्स की तारीखों पर भी असर पड़ सकता है।
गोवा ने राष्ट्रीय खेल टालने का आग्रह किया है। पांच सदस्यों की कमेटी कारणों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर खेलों के आयोजन में कारण ठीक नहीं मिले तो गोवा को दस करोड़ का जुर्माना देना होगा।
- राजीव मेहता, महासचिव, भारतीय ओलंपिक महासंघ