निगमों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एफएलटू, खनन व पर्यटन के निर्माण संबंधी सभी कार्य निगमों को देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को जीएमवीएन एवं इससे जुड़ी इकाइयों के कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय में दो घंटे कार्यबहिष्कार कर धरना दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
कोरोना के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल विकास निगमों को 50-50 करोड़ की आर्थिक मदद देने सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर संयुक्त कर्मचारी महासंघ के बैनर तले विगत 26 अगस्त से कर्मचारी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी के तहत मंगलवार को दो घंटे का कार्यबहिष्कार किया गया। जीएमवीएन मुख्यालय में आयोजित सभा में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि गढ़वाल व कुमाऊं मंडल राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाली प्रमुख संस्थाएं हैं। दोनों निगमों के कर्मचारियों ने कोरोना काल में भी अपनी जान की परवाह न कर कोविड केयर सेंटर में सेवा की और गैस वितरण भी किया। इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित नहीं कर रही है। साथ ही दोनों निगमों में 15-20 वर्षों से कार्य कर रहे कर्मचारियों का विनियमितीकरण नहीं हो पा रहा है। महासंघ लगातार मांगों को उठा रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
सभा में महामंत्री आशीष उनियाल, कार्यकारी अध्यक्ष मनमोहन चौधरी, अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी, अजय कांत शर्मा, उदय सिंह, नरेंद्र कंडारी, मनमोहन, सुनील सिंह, अनूप बिष्ट ने संबोधित किया। कार्यबहिष्कार और धरने में जीएमवीएम, होटल द्रोण, ईपीएफ कार्यालय, हिमानी गैस सर्विस, गढ़ी कैंट गैस सर्विस, पर्यटक आवास गृह डाकपत्थर, आसन बैराज, होटल गढ़वाल टेेरेस मसूूरी, मसूरी गैस सर्विस सहित सभी इकाइयों के कर्मचारी शामिल रहे।