जबकि दूसरे दिन पहले सत्र में समावेशी शहरों को सक्षम बनाने, पहुंच बढ़ाने और शहरी सेवाओं में अवसर विषय पर चर्चा की गई। इसमें प्रतिनिधियों ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा निवेश संकेतक लागू करने के तरीकों पर विचार विमर्श किया। इस सत्र में जी-20 देशों में बुनियादी ढांचे के बजट आवंटन का विश्लेषण भी किया गया। जी 20 की ओर से निर्धारित क्यूआईआई संकेतक पर विस्तृत चर्चा हुई।
इसके साथ ही नागरिक विमानन मंत्रालय केंद्र सरकार की ओर से ''भारत को एमआरओ हब बनाने पर गोलमेज सम्मेलन'' आयोजित किया गया। तीन दिन विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा को सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सार्थक बताया। जिसमें प्रेसीडेंसी ने स्पष्ट रूप से परिभाषित परिणामों की रूपरेखा तैयार की।
इस अवसर पर अतिथितियों ने गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए भारतीय प्रेसीडेंसी की सराहना की और सभी कार्यक्षेत्रों में प्रगति हासिल करने की दिशा में प्रेसीडेंसी के प्रयासों को स्वीकार किया। इसके बाद जी 20 के प्रतिनिधियों ने ऋषिकेश में स्थित चौरासी कुटिया बीटल्स आश्रम का दौरा किया और त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती में भाग लिया।
पिछले तीन दिनों में प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड के स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया और राज्य की संस्कृति और विरासत काे समझा। इसके साथ प्रतिनिधियों के लिए योग रिट्रीट का भी आयोजन किया गया। प्रतिनिधियों ने पीटीसी मैदान में आयोजित मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का भी आनंद लिया।