योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों को अच्छे संस्थानों में ही कोचिंग कराई जाए। उसके बाद विभाग ने गरीब छात्रों को कोचिंग देने वाले कोचिंग संस्थानों से आवेदन मांगे हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनुसूचित जाति, जनजाति के बच्चों के लिए सिविल सर्विसेज की मुफ्त कोचिंग का शुभारंभ किया जा रहा है। इसके लिए कोचिंग संस्थानों से आवेदन मांगे हैं। उसके बाद छात्रों का चयन किया जाएगा।
- अनुराग शंखधर, अधिकारी, जिला समाज कल्याण