आपदा के बाद उत्तराखंड में सब ठीक है, दुनियाभर में यह संदेश पहुंचाने के लिए चारधाम यात्रा के पहले पखवाड़े में राज्य से तीर्थयात्रियों का दल बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए रवाना होगा।
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आने-जाने के साथ उनके आवास, भोजन, स्वास्थ्य आदि सुविधाएं राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह बात मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को सोमेश्वर नगर मंदिर प्रांगण में आयोजित जनसभा में कही। बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर सभी जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। व्यवस्था का जायजा लेने के लिए वह स्वयं केदारनाथ जाएंगे।
सुरक्षित और सुगम होगी यात्रा
सीएम ने कहा कि दैवी आपदा के बाद पैदा हुई दुश्वारियों को दूर करने के लिए सरकार कटिबद्ध है, लेकिन व्यवस्थाओं को सही ढर्रे पर लाने में अभी दो से तीन साल का समय ओर लगेगा।
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उन्होंने भरोसा दिलाया की इस बार यात्रा तुलनात्मक रूप से सुरक्षित और सुगम होगी। बताया कि यात्रा मार्गों की मरम्मत का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
केदारनाथ पैदल मार्ग को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। बताया कि चारों धामों के साथ हेमकुंड और कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग भी ठीक किए जा रहे हैं।
बाढ़ नियंत्रण के लिए 22 करोड़
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने से आसपास की आबादी को भारी नुकसान होता है। लिहाजा, इसके लिए भी सरकार ठोस कार्य कर रही है।
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बताया कि 22 करोड़ रुपये से नदियों के किनारे बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जाना है।