देहरादून में फ्रॉड बाबाओं, तांत्रिकों के शिकार हुए लोगों का अपनी तकलीफ के साथ सामने आने का क्रम जारी है।
शनिवार को भी कई फोन अमर उजाला की ओर से दिए गए मोबाइल नंबर पर घनघनाए। लोगों ने साफ कहा कि वह तंत्र-मंत्र पर भरोसा नहीं करते थे, लेकिन लालच की पट्टी उनकी आंखों पर ऐसी बंधी कि वह भले-बुरे का भेद भूल गए।
बाबा के चक्कर में फंसे
दिमाग से ज्यादा उन्होंने दिल पर भरोसा किया। जोगीवाला के रहने वाले विवेक (बदला हुआ नाम) ऐसे ही लोगों में शुमार हैं। ‘किसी भी तरह की समस्या हो, हमसे बात करें।
केवल एक फोन पर एक घंटे के भीतर समस्या का समाधान’ की इबारत लिखा एक आकर्षक विज्ञापन पढ़ वह एक बाबा के चक्कर में फंस गए।
आर्थिक तंगी झेल रहे विवेक को महज एक यज्ञ के जरिए यह दिक्कत दूर करने का झांसा बाबा ने दिया। उसने यज्ञ किया भी और फिर तीन दिन के भीतर विवेक को व्यवसाय में आशातीत सफलता मिलने की बात कह चलता बना।
आउट ऑफ रीच हुए बाबा
सप्ताह भर बाद भी जब स्थिति नहीं बदली तो विवेक बाबा से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह आउट ऑफ रीच बताता रहा।
विवेक के बकौल वह तो बाबा के जाल में फंस 10 हजार रुपए गंवा चुके हैं, लेकिन अन्य लोगों से गुजारिश है कि किसी भी झांसे में फंसने से पहले आफर की सचाई जरूर जान लें।