उत्तराखंड में वन गुज्जर अब बीपीएल होंगे। बीपीएल कार्ड के अलावा उन्हें वोटर और आधार कार्ड भी मिलेगा।
उनके इलाज के लिए जंगलों में 108 एंबुलेंस भेजी जाएगी। इन परिवारों की महिलाओं को वृद्धा से लेकर विधवा पेंशन तक की सुविधा मिलेगी। टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में वन गुज्जरों को तीन प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने की घोषणा
शनिवार को भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरआई) में आयोजित द्वितीय वन गुज्जर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों के बीच जमीन पर मालिकाना हक देने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा। हालांकि वन गुज्जरों को जमीन खरीदने या बेचने का अधिकार नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन गुज्जरों की समस्याओं के निस्तारण के लिए 18 सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन होगा, जिसमें पांच वन गुज्जरों को शामिल किया जाएगा। इस समिति की बैठक हर महीने मुख्यमंत्री के साथ होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा वन गुज्जरों को जंगलों से विस्थापित करने की पूरी कोशिश की जाएगी। इसके लिए उन्होंने जंगलात महकमे को जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया। वोटर और आधार कार्ड बनाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री की ओर से पत्र भेजा जाएगा।
प्रमुख वन संरक्षक डॉ. आरबीएस रावत ने कहा कि किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए वन गुज्जर प्रभागीय वन अधिकारी या रेंज कार्यालय में अपना और अपने पशुओं का पंजीकरण कराएं।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, अमृता रावत, संसदीय सचिव हेमेश खर्कवाल, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एसएस शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बाघ देखना चाहते हैं सीएम
मुख्यमंत्री कई बार कार्बेट टाइगर रिजर्व गए, लेकिन उन्हें वहां बाघ के दर्शन नहीं हुए। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात बताई तो नेचर गाइड के रूप में काम करने वाले युवक रहमान ने उन्हें कार्बेट आने का न्यौता दिया।
उसने मुख्यमंत्री का बाघ दिखाने का वादा किया। मुख्यमंत्री ने गुलदस्ता देकर रहमान का स्वागत किया। रहमान के अलावा कई और वन गुज्जरों ने मंच पर अपने अनुभवों और समस्याओं का जिक्र किया।