जिले में कोरोना के मामले थम नहीं रहे हैं। सोमवार को भी जिले में 75 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। सोमवार को राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के चार छात्र कोरोना संक्रमित मिले हैैं।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि संस्थान की ओर से छह छात्रों की एंटीजन जांच की गई थी। जिनमें चार छात्रों की रिपोर्ट पाजिटिव आई। इन छात्रों को संस्थान के परिसर में ही आइसोलेट किया गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संस्थान से लगभग 200 कर्मियों और छात्रों के कोरोना जांच के सैैंपल लिए हैैं। इसके अलावा मैक्स अस्पताल में भी छह कर्मी संक्रमित मिले हैैं।
जिलाधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि दूसरे राज्यों की सीमा पर लगातार जांच हो रही है। कोरोना जांच के लिए सैंपल की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। उधर, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत ने बताया कि अस्पताल में फ्लू के मरीजों की अलग क्लीनिक बनाया गया है। बुखार, खासी, जुकाम जैसे फ्लू के मरीजों की अनिवार्य तौर पर आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। लोगों को इसे प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
हेल्पलाइन नंबरों की आउटगोइंग और इनकमिंग बंद
एक तरफ जिले में कोरोना के मरीजों तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं जिस राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर कोविड मरीजों से निपटने का सबसे बड़ा जिम्मा है वहां व्यवस्था चरमरा रही है। दून अस्पताल में 20 दिन से इमरजेंसी, पीआरओ कार्यालय, आईसीयू समेत अन्य वार्डों या कार्यालयों के हेल्पलाइन नंबरों की आउटगोइंग और इनकमिंग सेवा बंद है। जिसके चलते रविवार रात बड़ी संख्या में लोगों को दिक्कत हो रही है। कई बार प्राचार्य और चिकित्सा अधीक्षक द्वारा कहा गया, लेकिन सुध नहीं ली गई।
रविवार रात भी किसी मामले में जानकारी लेने के लिए अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया गया तो इनकमिंग कॉल सुविधा बंद होने का जवाब मिला। इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से लोगों ने शिकायत की है। दोनों अधिकारियों ने सोमवार को संबंधित कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी। साथ ही फोन नंबरों शुरू कराने के निर्देश दिए। प्राचार्य के निर्देश के दस घंटे बाद सोमवार को करीब छह बजे इमरजेंसी, पीआरओ, आईसीयू के नंबर शुरू किए जा सके। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। यहां पर भर्ती मरीजों, डाक्टरों, बेड आदि की जानकारी लेने को बड़ी संख्या में लोग फोन करते हैं।
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि चिकित्सा अधीक्षक को जिम्मेदार कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने को कहा गया है। 9045954191, 9045954183, 9045954194, 9045954192, 9045954164 इमरजेंसी, आईसीयू, पीआरओ कार्यालय, आयुष्मान वार्ड में शुरू कराए हैं। दोबारा ऐसी स्थिति होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।