देहरादून। प्रदेश में साइबर पुलिस का नेटवर्क बढ़ाएं जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए चार नये साइबर थाने खोले जा सकते हैं। एसटीएफ ने पिछले साल मुख्यालय के निर्देश पर शासन को प्रस्ताव भेजा था। इस पर चुनाव बाद निर्णय आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें, 2015 में उत्तराखंड उन गिने चुने राज्यों में शामिल हुआ था जिनमें साइबर थाने खोले गए थे। देहरादून में पहला साइबर थाना खोला गया। इसका संचालन एसटीएफ के अंतर्गत किया जाता है। शुरुआत में मोबाइल ढूंढने को लेकर शुरू हुआ थाने का काम धीरे धीरे अब बड़े साइबर अपराधों के खुलासे तक जा पहुंचा है। पहले सात लाख रुपये की धोखाधड़ी से अधिक वाले मामलों को ही यहां दर्ज किया जाता था। पिछले साल से यहां जीरो एफआईआर की शुरुआत भी हो गई। 50 हजार रुपये तक के मामलों में यहां जीरो एफआईआर होती है। इसके बाद इन्हें संबंधित थाने को भेज दिया जाता है। इस थाने की सफलता को देखते हुए कुमाऊं मंडल के लिए रुद्रपुर में साइबर थाने की पिछले साल जनवरी में शुरुआत की गई। फिलहाल यह अस्थाई भवन में चल रहा है, लेकिन इसके नाम एक साल में ही बड़ी उपलब्धियां हो चुकी हैं। अब चार और साइबर थाने खोले जाने की बात की जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो अल्मोड़ा, टनकपुर, श्रीनगर और टिहरी में यह नये थाने खोले जा सकते हैं। इससे यहां के लोगों को रुद्रपुर जाने की जरूरत नहीं होगी। इन थानों के शुरू होने के बाद गढ़वाल और कुमाऊं में तीन तीन साइबर थाने हो जाएंगे।
साइबर फोर्स भी बढ़ेगी
अभी तक इन थानों में बेहद कम स्टाफ के साथ काम किया जा रहा है। जल्द ही यहां पर फोर्स को बढ़ोतरी भी की जा सकती है। पुलिस में अन्य विंग में तैनात ऐसे कर्मचारियों को इन थानों में तैनात किया जाएगा जो साइबर की समझ रखते हैं। एसटीएफ ने इसे लोगों को शामिल किए जाने को मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है।