पहाड़ों की रानी मसूरी विदेशी सैलानियों को खास तौर पर रास आती है, लेकिन बीते तीन साल में एक अजब ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
यहां रुख कर रहे विदेशी सैलानियों की तादाद लगातार कम होती जा रही है, जबकि इससे पूर्व के तीन सालों का ट्रेंड विदेशी पर्यटकों की लगातार बढ़त का रहा है। इस ट्रेंड से हर कोई हैरत में है।
पर्यटन विभाग के अधिकारी वर्ष 2013 में जून माह में आई आपदा को विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी करार देते हैं। उनकी मानें तो बेशक मसूरी पर आपदा का प्रभाव नहीं था।
लेकिन जिस तरह का प्रचार उत्तराखंड में केदारनाथ आपदा को लेकर हुआ, उससे यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या पर नकारात्मक असर पड़ा, लेकिन सवाल यह है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी इससे पूर्व के वर्ष में भी रिकार्ड की गई थी, जबकि उस साल आपदा जैसा कुछ नहीं हुआ। दून होटलियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता भी विदेशी पर्यटकों में कमी की बात स्वीकारते हैं।