उत्तराखंड के राजभवन में शनिवार (आज) से दो दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें रंग-बिरंगे फूलों के साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति की खुशबू भी बिखरेगी। प्रदर्शनी में प्रदेश से दो हजार फूल उत्पादक शामिल होंगे। बच्चों के लिए रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी होंगी।
राजभवन में शुक्रवार को राज्यपाल केके पॉल ने कहा कि वसंतोत्सव का मकसद जनमानस, पुष्प उत्पादक और प्रशासकों को फूल उगाने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पुष्प योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी। राज्यपाल ने कहा कि फूलों, जड़ी-बूटियों और पेड़-पौधों के 75 डाक टिकट जारी हुए हैं।
प्रदर्शनी में पहली बार डाक टिकटों की प्रदर्शनी भी लगेगी। इसमें उनके डाक टिकटों का कलेक्शन भी दिखाया जाएगा। 15 विभाग और शोध संस्थानों के स्टॉल लगेंगे लगाए जाएंगे। विभिन्न दल लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम और आईटीबीपी मार्शल आर्ट दिखाएंगी।
वसंतोत्सव की थीम शंखपुष्पी
इस बार वसंतोत्सव की थीम शंखपुष्पी है। यह कन्वोलवुलेसी कुल का बहुवर्षीय औषधीय पौधा है। यह पथरीली, शुष्क जलवायु वाली जगहों पर पाया जाता है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यह सामान्य रूप से पाया जाता है। इसकी शाखाएं जमीन पर फैली रहती हैं। इसके फूल नीले रंग के होते हैं। पौधा दिमागीय(ब्रेन) से संबंधित समस्याएं दूर करने के काम आता है।
बनवाइए अपना डाक टिकट
पुष्प प्रदर्शनी में आप अपनी तस्वीर वाला डाक टिकट भी बनवा सकते हैं। अपने और प्रियजनों के चित्र भी टिकट में डलवा सकेंगे। पांच रुपये का यह टिकट इस्तेमाल भी हो सकेगा। आपको 12 टिकटों के लिए 300 रुपये और एक फोटो देनी होगी। डाक विभाग के तहत माई स्टैम्प नाम से शुरू की गई इस योजना में आप अपने और प्रियजनों की तस्वीरों वाला डाक टिकट भी बनवा सकते हैं। चीफ पोस्ट मास्टर जनरल उदय कृष्ण ने कहा कि पुष्प प्रदर्शनी में कोई भी व्यक्ति अपना डाक टिकट बनवा सकता है। प्रदर्शनी में उत्तराखंड पर निकाले गए डाक टिकट और फूल प्रदर्शित किए जाएंगे।