उत्तराखंड क्रांति दल के दो बड़े गुटों काशी सिंह ऐरी और त्रिवेंद्र पंवार ने पुराने विवादों को किनारे कर एक होने का फैसला कर लिया है। दल के दो शीर्ष नेताओं काशी सिंह ऐरी और त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने इसकी औपचारिक घोषणा कर दी है।
बृहस्पतिवार को हरिद्वार में दोनों नेताओं की बीच हुई बैठक के बाद शुक्रवार को दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर इसका खुलासा किया। दोनों ने माना कि आपसी मतभेदों से अलग होने पर पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है।
बनेंगे तीसरी शक्ति
केंद्रीय कार्यालय में हुई प्रेसवार्ता में दोनों नेताओं ने कहा कि दल किसी भी राष्ट्रीय दल को समर्थन नहीं देगा। राज्य में उक्रांद को तीसरी शक्ति के तौर पर विकसित करने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे।
कहा कि उत्तराखंड प्रदेश के हित में जो भी राजनीतिक दल उक्रांद को मजबूत करना चाहता है, उसका दल में स्वागत है। पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए अब दल नए लोग नए जोश और नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए संकल्पबद्ध है।
19-20 मई को होगा महाधिवेशन
गौरतलब है कि दल में पिछले काफी समय से एकता के प्रयास चल रहे थे, लेकिन गत दिवस हरिद्वार में हुई बैठक के बाद यह तय किया गया कि 19-20 मई को दल का द्विवार्षिक महाधिवेशन बुलाया जाएगा।
ऐरी गुट और पंवार गुट ने अपनी-अपनी कार्यकारिणी भी भंग कर दी है। साथ ही नए अध्यक्ष के चुनाव तक महाधिवेशन के लिए त्रिवेंद्र पंवार को संयोजक और हरीश पाठक को सह संयोजक बनाया गया।
दल ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने को लेकर संघर्ष जारी रखने और आंदोलन के लिए कारगर नीति बनाने पर भी जोर दिया।