रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने खुद को रेलवे अधिकारी बताकर छह लोगों से पांच-पांच लाख रुपये ठग लिए। बाकायदा पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए गए। नियुक्ति पत्र लेकर जब पीड़ित संबंधित स्थान पर पहुंचे तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पटेलनगर कोतवाली पुलिस के मुताबिक, त्रिलोकी दास, सुरेश कुमार, टेकचंद, सुरेश जायसवाल निवासी भूड़पुर शिमला बाईपास, सैन सिंह व गिरधारी लाल भट्ट निवासी सेलाकुई ने कोतवाली में तहरीर दी। बताया कि उन्होंने बच्चों को रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए सुरेंद्र कुमार निवासी काशीराम नगर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी रेलवे कॉलोनी ऋषिकेश से संपर्क किया। उसने उनकी मुलाकात रविंद्र निवासी गढ़वाल कॉलोनी, हरिद्वार, संदीप कुमार और संजय सिंह निवासी ऋषिकेश से मिलवाया। सभी ने खुद को रेलवे अधिकारी बताया।
कहा कि वे उनके बच्चों की रेलवे में नौकरी लगवा सकते हैं। एक दिन सबकी मीटिंग संजय सिंह के सरकारी क्वार्टर पर हुई। यहां छह युवकों की नौकरी के लिए 5-5 लाख रुपये दिए गए। आरोप है कि रकम देने के बाद उन्हें कोलकाता रेलवे का नियुक्ति पत्र पकड़ा दिया गया। जब युवक नियुक्ति पत्र लेकर वहां पहुंचे तो उन्हें ठगी का पता चला। पटेलनगर कोतवाली प्रभारी रविंद्र यादव ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।