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उत्तराखंड: कैबिनेट का फैसला, सरकारी कॉलेज में अब प्रिंसिपल करेंगे गेस्ट टीचर की नियुक्ति

Wed, 08 Jan 2020 09:38 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री व अन्य - फोटो : अमर उजाला
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सरकारी कॉलेज में वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए गेस्ट टीचरों की नियुक्ति का अधिकार कालेज प्रिंसिपलों को दे दिया है। प्रदेश की पहली ई-कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। रिक्त पदों पर यूजीसी के मानकों अनुसार गेस्ट टीचर नियुक्त होंगे।

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वहीं मंत्रिमंडल ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले उत्तराखंड मूल के श्रद्धालुओं को मिलने वाला 25 हजार रुपये का अनुदान बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। इसके अलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया कि गंगा-गाय महिला डेयरी योजना का लाभ सहकारी समितियों के सदस्य ले सकेंगे। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में ई-मंत्रिमंडल प्रणाली का शुभारंभ किया। इसके बाद शुरू हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सात प्रस्ताव आए, जिनमें से छह पर निर्णय लिया गया। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2019-20 के शैक्षणिक सत्र में कालेजों में रिक्त पदों पर गेस्ट टीचर तैनात करने का निर्णय लिया है।

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यह हैं प्रमुख फैसले 

नियुक्ति प्रिंसिपल अपने स्तर से करेंगे। नियुक्ति 11 माह के लिए होगी, इससे पहले अगर स्थायी नियुक्ति होती है तो गेस्ट टीचर की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। गेस्ट टीचर को प्रति लेक्चर पांच सौ रुपये दिए जाएंगे और एक दिन में दो लेक्चर न्यूनतम रहेंगे। ताजा गेस्ट टीचरों को नियुक्ति के बाद स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया में अनुभव का10 प्रतिशत वेटेज लाभ नहीं मिलेगा। 

अन्य फैसले
- गंगा गाय महिला डेयरी का लाभ कापरेटिव सदस्यों को मिलेगा। महिलाओं को योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।
- विधानसभा सत्रावसान पर कैबिनेट ने लगाई मुहर।
- केदारपूरी में आपदा प्रभावितों के लिए राज्य सरकार बनाएगी भवन। पहले सीसीआर से भवन निर्माण का प्रावधान था। 
- गन्ना समर्थन मूल्य को दी मंजूरी। प्रति कुंतल 317 रुपये सामान्य और 327 अगेती प्रजाति का मूल्य तय।  
 
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ई-कैबिनेट का उद्देश्य

इस दौरान बताया गया कि ई-कैबिनेट का उद्देश्य समयबद्ध ढंग से कार्रवाई करना, लेस पेपर व्यवस्था को प्रोत्साहित करना एवं संस्थागत मेमोरी को विकसित करना है। इसके प्रयोग से जहां पर्यावरण मित्र के माध्यम से कागज की बचत होगी वहीं संस्थागत मेमोरी द्वारा पूर्व की कैबिनेट जानकारी को प्राप्त करना भी आसान होगा। ई-कैबिनेट, ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत प्रदेश में आज से कैबिनेट की बैठकों के लिए ई मंत्रिमंडल प्रणाली लागू हो गई है।

भविष्य में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में कागज की जगह अब ऑनलाइन प्रस्ताव बनकर जाएगा। गोपन विभाग ने ई मंत्रिमंडल के लिए पोर्टल तैयार कर दिया है। बैठक से संबंधित सामान्य सूचनाएं, स्थान और समय पोर्टल, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से मंत्रिमंडल को अवगत करवाया जाएगा।

प्रणाली का इस्तेमाल करने वालों का ई-अकाउंट होगा। इस पर सभी की लॉगइन आईडी तैयार की गई है। बैठक का कार्यवृत्त एवं निर्णयों को ऑनलाइन अपलोड और जारी किया जाएगा। मंत्रिमंडल की टिप्पणियां की केवल दो प्रतियां गोपन विभाग के लिए जारी होंगी, जबकि विभागों को डिजिटल स्वीकृतियां मिलेंगी।
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